हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के पूर्व में हुए संगठनात्मक चुनावों पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वीरभद्र ने कहा कि हिमाचल कांग्रेस में पिछले चुनाव ‘फ्री एंड फेयर’ तरीके से नहीं हुए हैं। सीएम सोमवार को राजीव भवन शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे।
वे यहां कांग्रेस के पैनल डिस्कशन सम्मेलन में दूसरे दिन विशेष रूप से मौजूद थे। यह मालूम हो कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठनात्मक चुनाव इसी साल प्रस्तावित हैं। वीरभद्र सिंह ने कहा है कि वह कांग्रेस पार्टी के संगठनात्मक चुनाव के खिलाफ नहीं हैं। ये चुनाव इकट्ठे बैठकर करवाए जाने चाहिए।
सबकी सहमति से ही इकाई प्रमुख चुना जाए
सबकी सहमति से ही इकाई प्रमुख को चुना जाना चाहिए। वीरभद्र ने कहा कि कि प्रदेश में करीब 98 फीसदी लोग सर्वसम्मति से चुनाव के पक्ष में रहते हैं। ऐसे चुनाव में कोई हारता भी नहीं है। पर पिछले दो-तीन चुनावों में हिमाचल में संगठनात्मक चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी में ग्रास रूट स्तर से वर्कर आने चाहिए। युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के संगठनात्मक चुनाव पर वीरभद्र ने कहा कि ये पार्टी के हिस्से हैं। इनमें पिछली चुनावी प्रक्रिया सही रही है। युवा कांग्रेस के चुनाव में खास बात यह है कि इसमें हारता कोई नहीं है। वोट के हिसाब से पद मिलते हैं।
'मैं संठनात्मक जिलों के लिए उत्साहित नहीं'
कांग्रेस के नए संगठनात्मक जिलों पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि इसका उन्हें कोई खास उत्साह नहीं है। बेशक अभी पार्टी के जिले बनाए गए हों, मगर इसके बाद नए प्रशासनिक जिलों की मांग भी उठ सकती है। उनका प्रदेश में सरकारें चलाने का लंबा अनुभव है। हिमाचल नए संगठनात्मक जिलों का आर्थिक भार उठाने की हालत में नहीं है।
गलत तरीके से बाहर किए कांग्रेसियों की हो वापसी- वीरभद्र ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले गलत तरीके से पार्टी से बाहर किए गए कांग्रेसियों की वापसी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को पूछा जाना चाहिए कि वे पार्टी में वापस आना चाहते हैं या नहीं।
नई ग्राम पंचायतों का गठन नहीं चाहते सीएम
सीएम नई ग्राम पंचायतों का गठन नहीं चाहते हैं। वीरभद्र ने कहा कि वह नई ग्राम पंचायतों को बनाने के पक्ष में नहीं हैं। अगर कहीं भौगोलिक स्थितियां ऐसी हों कि वहां नई ग्राम पंचायतें बनानी ही पड़ेंगी तो इस पर भी विचार किया जाएगा।
भाजपा के ड्रामे के लिए गेयटी थियेटर सही- आगामी बजट सत्र पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रेम कुमार धूमल ने भाजपा को ढाल की तरह इस्तेमाल किया है। पिछले विधानसभा सत्रों में भाजपा के विधायकों का जो व्यवहार रहा, वह विधानसभा ही नहीं बल्कि विधायकों की प्रेस्टिज के भी खिलाफ था। वीरभद्र ने इसे ड्रामा करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे ड्रामे के लिए गेयटी थियेटर ही सही है।