शोघी- तारादेवी नेशनल हाइवे पर हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। एक महीने के दौरान छह घरों के चिराग सड़क दुर्घटना में बुझ गए हैं। यह एरिया डेंजर जोन की श्रेणी में है, बावजूद यहां सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं।
शोघी से लेकर तारादेवी तक कई जगहों पर हर समय हादसों का खतरा रहता है। सड़क पर कई ब्लैक स्पॉट ऐसे हैं, जहां सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। पुलिस प्रशासन ने हादसों को रोकने के लिए स्पीड रडार लगाने का फैसला लिया है।
हादसों के लगातार होने के बाद भी लोनिवि (एनएच) ने सड़क किनारे पैरापिट, क्रैश बैरियर या रेलिंग लगाने की जहमत नहीं उठाई।
सोलन, चंडीगढ़ और दिल्ली से आने वाले लोगों के लिए यह मुख्य मार्ग है। यहां से रोजाना हजारों गाड़ियां गुजरती हैं। पर्यटक सीजन में तो वाहनों की तादाद और अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में हादसे भी अधिक होते हैं।