बच्चे पैदा करने को लेकर हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने इंसानों की तुलना चूहों से कर डाली है। बढ़ती बेरोजगारी और जनसंख्या पर अपनी बात कर रहे सीएम ने ऐसा बयान दिया कि हर कोई दंग रह गया।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि विकास के संसाधन सीमित हैं और आबादी तेजी से बढ़ रही है। आज देश की आबादी सौ करोड़ से भी अधिक हो गई है। लोग बच्चे ऐसे पैदा कर रहे हैं जैसे चूहे पैदा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि आज आबादी इतनी तेजी से बढ़ रही है कि सभी पढ़े-लिखे युवाओं को सरकार नौकरी नहीं दे सकती। आज स्वरोजगार से एक बेरोजगार युवक आईएएस अधिकारी से ज्यादा आय प्राप्त कर सकता है।
इंसानों की तुलना चूहों से, फंसे सीएम
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से दिए गए ‘चूहे की तरह बच्चे पैदा कर रहे लोग’ के विवादित बयान पर हिमाचल में सियासी उबाल चरम पर है। प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने मुख्यमंत्री पर पलटवार किया है।
उन्होंने पूछा है कि वीरभद्र सिंह ने स्वयं कितने बच्चे पैदा किए हैं। धूमल ने कहा कि सीएम ने ऐसा बयान देकर प्रदेश और देश की जनता का अपमान किया है। इसके लिए मुख्यमंत्री को आम जनता से माफी मांगनी चाहिए। धूमल ने कहा कि जनता को नसीहत देना तो बेहद आसान है, लेकिन उस नसीहत पर अमल करना बेहद मुश्किल होता है।
वीरभद्र सिंह को आम जनता को बताना चाहिए कि उन्होंने स्वयं कितने बच्चे पैदा किए हैं। उनकी ऐसी अवस्था हो गई है कि वह कुछ भी बोल दे रहे हैं। यह किसी भी नजरिए से ठीक नहीं है। ईश्वर उन्हें सदबुद्धि दें। उधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि उच्च पद पर बैठे व्यक्ति को ऐसी बात शोभा नहीं देती है।
मैं चाहूं तो फिर बन सकता हूं सीएम
वहीं, मंडी के सरकाघाट में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सार्वजनिक मंच से पहली बार कहा कि अब 7वीं बार उन्हें सीएम बनने की इच्छा नहीं है। अब नई पीढ़ी को मौका मिलना चाहिए। हालांकि, उन्होंने कहा कि छठी बार सीएम बना हूं, चाहूं तो सातवीं बार भी बन सकता हूं।
वीरवार को सरकाघाट की गाहर पंचायत के चंदैश में आयोजित जनसभा में सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि राजनीति मेरा पेशा नहीं है। मुख्यमंत्री के रूप में जनता का प्रथम सेवक हूं। प्रदेश का एक समान विकास किया है। विकास भी नशा है। प्रदेश का विकास करवाने के लिए उदार, लेकिन प्रशासन के लिए बड़ा सख्त हूं।
पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में बांटने की शिक्षा लेनी हो तो धूमल यूनिवर्सिटी में दाखिला लें। उन्होंने कहा कि भाजपा तो पंचायत चुनाव में भी क्षेत्रवाद और जातिवाद की राजनीति करती है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से सरकारी विज्ञापनों में मुख्यमंत्री की तस्वीर न लगाने के फैसले पर वीरभद्र सिंह ने कोई टिप्पणी न करते हुए कहा कि वे खुद चाहते हैं कि उनकी फोटो कम ही लगे। खाली मंत्री का पद उचित समय पर भरा जाएगा।
सातवीं बार सीएम बनना है तो चुनाव कराओः भाजपा
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने मुख्यमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर वीरभद्र सिंह सातवीं बार मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखते हैं तो विधानसभा को भंग कर चुनाव करवाएं। धूमल ने कहा कि सारा प्रदेश जानता है कि क्षेत्रवाद की राजनीति कौन करता है?
लेकिन अब जातिवाद की राजनीति भी शुरू कर दी है। धूमल ने कहा कि सड़कों पर पड़े गड्ढों को मिट्टी से भरा जा रहा है और सरकार की मिट्टी उड़ रही है।