मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि इतने साल से उन्होंने धूमल परिवार पर संपत्ति का मामला ठंडे बस्ते में डाला हुआ था। उन्हें ही जिद लगी हुई थी, इसी कारण इसकी छानबीन शुरू की गई है। यह जांच विजिलेंस ब्यूरो कर रहा है। मुख्यमंत्री रविवार को शिमला के बीसीएस मैदान में टी-20 क्रिकेट मैच के समापन पर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि मामले की जांच विजिलेंस ब्यूरो हर पहलू से कर रहा है। कहा कि कडासनी के लिए क्रिकेट मैदान के लिए जमीन लेने का काम चल रहा है। पहले सही तरीके से जमीनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया नहीं चली। यह पूर्व में राजनीति का शिकार होता रहा है। इसे जल्द खेल के योग्य बना दिया जाएगा।
क्या हिमाचल में राज्यपाल समानांतर सरकार चला रहे हैं, जैसा कि कांग्रेस के ही नेता कह रहे हैं? इस सवाल के जवाब में वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में कोई समानांतर सरकार नहीं है। यह कांग्रेस की सरकार है। राज्यपाल अधिकारियों को बुलाकर उनकी राय ले सकते हैं। राज्यपाल ने बैठक से पहले उनसे चर्चा की थी।
मैदान में इकट्ठे हो जाते हैं बिखरे लोग : सीएम
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि यहां हर वर्ष क्रिकेट को प्रोफेशनल खेल की तरह नहीं खेला जाता है। इसे मनोरंजन और भाईचारे को बढ़ाने के लिए खेला जाता है। कुछ वर्ष पहले इस खेल की शुरुआत की गई थी। यह आगे भी चलता रहेगा। ऐसी उम्मीद व्यक्त की जाती है।
कहा कि खेल लोगों को जोड़ने का तरीका होता है। खेल के मैदान में बिखरे लोग भी इकट्ठे हो जाते हैं, जबकि राजनीति में ऐसा नहीं होता। उन्होंने बीसीएस में टी-20 मैच के सफल आयोजन के लिए प्रदेश खेल, संस्कृति एवं पर्यावरण संघ के आयोजकों को बधाई दी।