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कर्मचारियों को सीएम वीरभद्र की दो टूक, पढ़ें क्या कहा?

Mon, 22 Dec 2014 10:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
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हिमाचल में कर्मचारी और पेंशनर वर्ग द्वारा हर बार पंजाब की तर्ज पर वित्तीय लाभ मांगने पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने तल्ख तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। वीरभद्र सिंह ने कहा कि हम कोई पंजाब के धूमछल्ले नहीं हैं और न ही हिमाचल पंजाब का कोई जिला है।
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जिसके चलते हिमाचलवासियों को पंजाब पर निर्भर होने की आवश्यकता हो। मुख्यमंत्री का यह अक्रामक रुख रविवार को हमीरपुर में उस समय सबने देखा, जब प्रदेश पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से पंजाब की तर्ज पर वित्तीय लाभ देने की मांग की।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल शुरू से ही पंजाब के पे-कमीशन का अनुसरण करता आया है। इसलिए पे-कमीशन के अनुरूप जो वित्तीय लाभ पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों को दे रही है, उसे हिमाचल के कर्मचारियों को भी दिया जा रहा है।
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पंजाब जैसी हालत हिमाचल की नहीं होने देंगे

हिमाचल सरकार अपने कर्मचारियों को इसके अलावा 65, 70 व 75 वर्ष की आयु पर अतिरिक्त भत्ते दे रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में राजनीति लाभ और चुनाव के चलते कैबिनेट सब कमेटी का गठन कर अनेकों घोषणाएं की जा रही हैं।

लेकिन पंजाब सरकार के इस वित्तीय लाभ के पीछे की हकीकत किसी से छुपी नहीं है। मुख्यमंत्री ने पेंशनरों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के कर्मचारी अगर उनसे आसमान भी मांगते हैं तो वह उसे भी देने के लिए तैयार हैं, लेकिन प्रदेश की स्थिति को पंजाब की माली वित्तीय हालात जैसी हरगिज नही देंगे।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार शुरू से ही प्रदेश के कर्मचारियों, श्रमिकों व मजदूरों के हितों की शुरू से रक्षा करती आई है और आगे भी की जाएगी। हिमाचल में अपना पे-कमीशन के बारे में पूछे गए प्रश्न के जवाब में वीरभद्र ने कहा कि इससे राज्य पर वित्तीय बोझ पड़ता है, जिसके चलते अभी तक पे-कमीशन के गठन पर कोई विचार नहीं किया गया है।
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दस दिन के भीतर बुलाई जाएगी जेसीसी

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि दस दिन के भीतर प्रदेश में जेसीसी का गठन होगा। इसके तुरंत बाद जेसीसी की बैठक बुलाई जाएगी और पेंशनरों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मंच पर समस्याओं का समाधान नहीं होता है। मंच पर केवल घोषणाएं होती हैं, इसलिए किसी भी समस्या का समाधान करने के लिए आमने-सामने बैठ कर चर्चा होती है। वीरभद्र ने पेंशनरों को आश्वात करते हुए कहा कि जेसीसी की पहली ही बैठक में अधिकांश समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
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