हिमाचल के सात जिलों में कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए वीरवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मुस्कान योजना का शुभारंभ किया। इन जिलों में चंबा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल स्पीति, शिमला, सिरमौर और सोलन शामिल हैं।
योजना का श्रीगणेश करने के बाद सचिवालय में सीएम ने नवजात कन्याओं की माताओं को सम्मानित कर उन्हें तोहफे भी बांटे। वीरभद्र सिंह ने कहा कि लिंग अनुपात में सुधार समय की मांग है। समाज में जागरूकता की जरूरत है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की निदेशक मानसी सहाय ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से राज्य में सघन अभियान शुरू किया गया है। सभी जिलों में गर्भावस्था के 10 सप्ताह में पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि गर्भधारण का पंजीकरण न केवल संबंधित केंद्रों बल्कि संबंधित गांव के स्वास्थ्य उप केंद्रों में भी करवाया जाए। उन्होंने कहा कि कम लिंग अनुपात वाली ग्राम पंचायतों को चिह्नित कर नव विवाहित जोड़ों को परामर्श के माध्यम से जागरूक किया जाएगा।
गुड्डा-गुड्डी सूचना पट्टिकाओं के माध्यम से नवजात कन्याओं और जिले में लड़कियों की कुल संख्या को प्रदर्शित किया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. कर्नल धनी राम शांडिल, मुख्य सचिव वीसी फारका, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार टीजी नेगी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर, उपायुक्त शिमला रोहन ठाकुर आदि भी इस मौके पर मौजूद रहे।