आय से अधिक संपत्ति मामले में घिरे हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि वह सम्मान के लिए आखिरी दम तक संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान, पूरी पार्टी और जनता उनके साथ है। सांच को आंच नहीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें फंसाने की कोशिश हुई है, लेकिन जिन लोगों ने ऐसा किया है, उन्हें भगवान माफ नहीं करेंगे। कुदरती न्याय का दंड उन्हें भी भोगना पड़ेगा। हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में वीरभद्र सिंह ने कहा कि मुझे मुख्यमंत्री पद से हटाने की साजिश रची गई, लेकिन वह सफल नहीं हो पाई। हिमाचल की जनता ने हमें बरसों से परखा है। किसी से जिंदगी में एक पैसा नहीं लिया। जरूरत पड़ी तो दिया ही है।
ग्यारह साल की उम्र में अपने स्टेट के सिंहासन पर बैठा। मेरे पास जो संपत्ति है वह भारत सरकार से अनुमोदित है। रियासत के विलय के समय शिमला, रामपुर और सराहन के भवन केंद्र से मिले थे। बाद में भूमि सुधार एक्ट में कुछ जमीन चली गई। जो है वह भारत सरकार के रिकॉर्ड में है। हमारे पास पैतृक संपत्ति ही है।