मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि बाबा रामदेव के पत्र पर उन्हें जमीन वापस देने का मामला कैबिनेट में लाया गया। उन्होंने पत्र लिखकर कहा था कि उन्हें जमीन वापस दी जाए। मंत्रिमंडल ने केस वापस लेने पर ही राहत देने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि धूमल न तो सीएम बनेंगे और न ही भाजपा के अध्यक्ष बन पाएंगे। धूमल के खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच पर सीएम ने कहा- इसकी उन्हें ज्यादा फिक्र नहीं है। वे आने वाले समय में नेता प्रतिपक्ष भी नहीं रहेंगे।
उन्होंने कहा कि धूमल साहब के दिल में कोई भी विचार हों, वे विचार ही रहेंगे। मुख्यमंत्री शनिवार को राज्य सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। वीरभद्र सिंह ने नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि हिमाचल भाजपा का नाम ही दूसरा माफिया है।
यह राजनीतिक माफिया है। धूमल ओछी राजनीति कर रहे हैं। राजनीतिक विरोधियों को प्रताड़ित करना, ये धूमल सरकार की खासियत रही है। जितना एक्शन अब नशा माफिया के खिलाफ सरकार कर रही है। इससे पहले किसी भी सरकार ने नहीं किया।
विपक्ष इस पर गलत बात कर रहा है। अनुराग ठाकुर के केंद्रीय विश्वविद्यालय के देहरा में खोले जाने के बयान पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि उनके लिए धर्मशाला और देहरा में कोई फर्क नहीं है। यह कहीं भी खुले। क्षेत्रवाद गलत है। ये नेरो पॉलिटिक्स है।
चुनाव लड़ने और बाली के सवाल पर भी बोले सीएम
सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि वे कहीं से भी चुनाव लड़ने में सक्षम हैं। जहां से इच्छा होगी, वहीं से चुनाव लड़ेंगे। शिमला ग्रामीण उनका निर्वाचन क्षेत्र है, अभी वहीं से मानें।
सहन नहीं होगी अनुशासनहीनता
मंत्री जीएस बाली की ओर से युवा और महिला सम्मेलन करने के मामले में सीएम ने कहा कि उन्हें मालूम है कि कौन-कितने पानी में है। वे ऐसा नहीं कर सकते हैं। उन्हें ये सूचना मिली है कि घुमारवीं में राजेश धर्माणी ने भी सम्मेलन रखा है। कौन इसमें आएगा, उन्हें मालूम नहीं है। अनुशासनहीनता सहन नहीं होगी।
उतना ही पैर पसारते हैं, जितनी चादर
नए वार्षिक बजट पर सीएम वीरभद्र सिंह बोले - वे उतने ही पैर फैलाते हैं, जितनी चादर हो। बिना भेदभाव के विधायक प्राथमिकता योजनाओं को बजट दिया जाएगा। सीएम ने रेल बजट में भानुपल्ली रेललाइन के लिए महज एक करोड़ रुपये देने पर भी अफसोस जताया।
कांग्रेस संगठन-सरकार में तालमेल न होने की बात गलत
कांग्रेस संगठन और सरकार में तालमेल न होने के विपक्ष के आरोपों को भी सीएम वीरभद्र सिंह ने खारिज किया। कहा कि कोई बताए कि तालमेल की कमी कहां है।
स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से दे रहे बेरोजगारी भत्ता
बेरोजगारी भत्ते पर सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि जब पिछली बार सरकार का घोषणापत्र बना था तो उस समय वे खुद प्रचार में जुटे थे। कुछ लोगों ने इस घोषणापत्र को दिल्ली में बैठकर बनाया। अब स्किल डेवलपमेेंट के माध्यम से बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा है।