राजनीतिक और धार्मिक आस्था का केंद्र बन चुके रूड़ा के रामलोक मंदिर में रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पत्नी पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह समेत माथा टेकने पहुंचे। वीरभद्र ने यहां माथा टेककर स्वास्थ्य लाभ की कामना की। वह काफी देर तक मंदिर परिसर में रहे और बाबा अमरदेव से कई विषयों पर चर्चा की।
वीरभद्र ने कहा कि रामलोक मंदिर आकर्षण और धार्मिक आस्था दोनों का ही केंद्र है। मंदिर को राजपूताना शैली में बनाया गया है। मंदिर के लिए राज परिवार की तरफ से हर संभव मदद देने का आश्वासन भी वीरभद्र ने दिया। अमरदेव ने कहा कि मंदिर में राजनीति नहीं होनी चाहिए।
मंदिर भगवान का घर है और यहां भगवान में आस्था रखने वाले सभी धर्मों और जाति के लोगों का स्वागत है। कंडाघाट-चायल मार्ग पर रूड़ा में बने इस भव्य मंदिर में आदमकद की अष्टधातु से बनीं मूर्तियां स्थापित की गई हैं। मंदिर को पहाड़ी पर महल की शक्ल में बनाया गया है। यहां रोजाना सैकड़ों भक्तों का आवागमन रहता है।