पीलिया पर शनिवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पहली बार सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश भर की सभी पेयजल योजनाओं की जांच करने के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट भी एक सप्ताह के भीतर सीएम ने तलब कर ली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीलिया के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने अफसरों से भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शुरुआत में संबंधित विभागों ने एहतियाती कदम नहीं उठाए, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर होती चली गई।
सीएम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पेयजल स्रोत में पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच के भी निर्देश दिए। उन्होंने पीलिया प्रभावित क्षेत्रों में एक संयुक्त सघन जन जागरूकता अभियान चलाने के लिए सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, शहरी विकास एवं नगर नियोजन और स्वास्थ्य विभागों को निर्देश दिए।
अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए सीएम ने कहा कि कि वे पूरे हिमाचल में पेयजल की गुणवत्ता की निगरानी और सीवरेज कनेक्टिविटी के अलावा बहुस्तरीय स्वास्थ्य कवरेज का कड़ाई से अनुपालन करें।
सुपर कलोरीनेशन के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर के पंपिंग स्टेशनों और ट्रीटमेंट प्लांटों के सुपर कलोरीनेशन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार पीलिया के रोगियों को निशुल्क उपचार और निशुल्क परीक्षण उपलब्ध करवाएगी।
उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम शिमला की सीवरेज पाइपलाइनों में रिसाव को बंद करने और सभी घरों को मुख्य सीवरेज लाइन से जोड़ने के लिए तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश भी दिए। अश्वनी खड्ड कैचमेंट में सफाई व्यवस्था में सुधार लाने और सीवरेज कनेक्टिविटी और सीवरेज नेटवर्क को सुनिश्चित बनाने को कहा।
सीवरेज लाइन से न जुड़े तो लोगों पर भी कार्रवाई
सीएम ने अफसरों को आदेश दिए कि जिन लोगों ने मुख्य मल निकासी लाइन से अपने घरों को नहीं जोड़ा है, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नगर नियोजन विभाग को योजना क्षेत्रों में और ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत सीवरेज कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विधायकों-प्रतिनिधियों को गंभीरता से लें अफसर
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि विधायकों और चुने हुए प्रतिनिधियों को अधिकारी गंभीरता से लें। जब वे किसी मामले को लेकर आते हैं तो ठीक से सुनवाई करें। केंद्रीय विश्वविद्यालय का कैंपस धर्मशाला में ही होगा। इसे देहरा में नहीं खोला जाएगा। व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि वे अनुराग ठाकुर का धन्यवाद करते हैं कि वे हर मामले में अड़ंगा फंसाते हैं।
ये विश्वविद्यालय और इसका पूरा कैंपस धर्मशाला के ही नजदीक होगा। धर्मशाला से पालमपुर की ओर लगभग सात किलोमीटर दूर इसके लिए जगह भी देख ली गई है। देहरा वगैरह में केवल इस विश्वविद्यालय के तहत इवनिंग कॉलेज या ऐसी कोई इकाई ही खोली जा सकती है।
एमसी धर्मशाला के चुनाव बहुत जल्द किए जा सकते हैं। अगर ज्यादा जिले बनाए जाएंगे तो उससे सरकार पर ही कार्य बोझ बढ़ेगा। मुख्यमंत्री शनिवार को शिमला स्थित राज्य सचिवालय में पत्रकारों को अनौपचारिक रूप से संबोधित कर रहे थे। ब्यूरो
राज्य सचिवालय में चार दिन बैठेंगे मंत्री- जनता के कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए राज्य सचिवालय में सचिवों को कम से कम पांच दिन और मंत्रियों को चार दिन बैठना होगा।
अधिकारियों को चुने हुए प्रतिनिधियों को सम्मान देना चाहिए। रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी की सिफारिशों को सरकार लागू करेगी। आने वाले आम बजट में ये सिफारिशें शामिल होंगी।