मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि वह क्षेत्रवाद में नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी विचारधारा में विश्वास रखते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने राजनीतिक फायदे के लिए जनता को क्षेत्रवाद के नाम पर बांटते हैं। सीएम ने कहा कि नया और पुराना हिमाचल नहीं चलेगा, हिमाचल एक है।
कहा कि पूरे हिमाचल को समृद्ध और खुशहाल देखना ही मेरे जीवन का लक्ष्य रहा है। वीरभद्र बोले - मैं पहाड़ी हूं। अगर पहाड़ी को कोई एक गिलास पानी भी पिलाए तो वह उसे ताउम्र याद रखता है। प्रदेश में दुर्गम स्थान अब लगभग खत्म हो चुके हैं। जो हैं भी, वहां भी सरकार सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने को वचनबद्ध है।
कोई भी सरकार जनता की रसोई में खाना नहीं बना सकती, खाना तो स्वयं ही बनाना पड़ता है। अच्छी सरकार का परिचायक है, जो प्रदेश में खुशहाली लाए, रोजगार के साधन बनाए। विकास एक निरंतर प्रक्रिया है।
मुख्यमंत्री रविवार को ज्वालामुखी विस की मंझीण पंचायत में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। कहा कि प्रदेश में जहां-जहां संसाधनों की कमी रही है, उस पर सरकार का पूरा फोकस रहता है। प्रदेश के कोने-कोने में सरकार ने एक समान विकास करवाया है।