मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बीमा एजेंट आनंद सिंह चौहान के खिलाफ मनी लॉंड्रिंग मामले में विशेष सीबीआई कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। प्रवर्तन निदेशालय ने चौहान को चंडीगढ़ से आठ जुलाई 2016 को गिरफ्तार किया था। उसे न्यायिक हिरासत से कोर्ट में पेश किया गया। बचाव पक्ष जल्द ही हाईकोर्ट में उसकी जमानत याचिका दायर करेगा।
पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज विनोद कुमार ने ईडी की चार्जशीट पर बुधवार को संज्ञान ले लिया। उस समय आनंद सिंह चौहान कोर्ट में मौजूद था। कोर्ट ने तभी चार्जशीट की कॉपी व अन्य दस्तावेज चौहान को देने का निर्देश दिया। चार्जशीट पर अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी।
प्रवर्तन निदेशालय ने तीन हजार पन्नों की चार्जशीट मनी लांड्रिंग प्रिवेंशन एक्ट (पीएमएलए) के तहत चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी का आरोप है कि चौहान ने वीरभद्र सिंह से 5.14 करोड़ रुपये कैश लिया और अपने पंजाब नेशनल बैंक के खाते में जमा कराया और उसके बाद वीरभद्र व उनके परिजनों के नाम पर बीमा पॉलिसी खरीद कर निवेश कर दिया। बैंक खाते में मोटी रकम जमा होने के कारण वह आयकर विभाग की नजर में आ गया। आयकर विभाग ने चौहान के खिलाफ 2011 में जांच शुरू की थी।