मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग को सभी प्रमुख पेयजल आपूर्ति एवं सिंचाई योजनाओं को तय समयावधि में पूरा करना करने के निर्देश दिए हैं। वीरभद्र सिंह बुधवार को सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष के दौरान नवंबर 2015 तक 2074 बस्तियों के लक्ष्य के मुकाबले कुल 1332 बस्तियों को पेयजल आपूर्ति की गई है। इसी वित्त वर्ष के दौरान 3500 हेक्टेयर क्षेत्र के लक्ष्य के मुकाबले 2043 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा के तहत लाया गया है। विभिन्न केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं की शेष धनराशि को जारी करवाने के लिए मामला भारत सरकार से उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के लिए केंद्रीय सहायता की किस्त जारी नहीं कर रही है। इसके चलते या तो इन योजनाओं का निर्माण तय समयावधि के अंदर पूरा नहीं हो रहा है। बुधवार को पेयजल आपूर्ति योजनाओं की स्थिति का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग को सभी योजनाओं के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने को कहा।
कांगड़ा जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में साली से डैरनी, रिड़कुमार, हथौड़ और कुहल पेयजल योजना के लिए 220 लाख रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) नाबार्ड को भेजी गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस लाइन धर्मशाला के लिए 29.73 करोड़ रुपये की लागत से जलापूर्ति योजना का निर्माण किया गया है।
ब्यास नदी में मिल रही छोटी नदियों के तहत गानु मंड़वाडा, मालवाड़ी, रायपुर, बबेहड़, दौलतपुर, डंगोह-खास, डंगोह खुरड़, जोह, पिरथीपुर और सलोह बेरी गांवों में तटीकरण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई है।
सीएम ने तटीयकरण योजनाओं में प्रगति लाने के निर्देश दिए- मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को शिमला जिले में पब्बर नदी पर तटीयकरण, कांगडा जिले में छौंछ खड्ड, कुल्लू जिले में पलचान से औट तक ब्यास नदी पर तटीयकरण और सरकाघाट में बरछावर से जाहू तक सीर खड्ड के तटीयकरण के कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए।
1155.15 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेजी गई है। ऊना जिले में मुख्य स्वां नदी पर तटीकरण के लिए 107.80 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त जारी नहीं की है। यह मामला भारत सरकार के जल संसाधन मंत्रालय के केंद्रीय जल आयोग को भेजा गया था।
केवल 9 करोड़ रुपये ही जारी किए गए। उन्होंने कहा कि मामला पुन: केंद्र सरकार से उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने चिड़गांव के लिए मल निकासी योजना का सर्वेक्षण तथा प्राक्कलन तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के लिए विभाग को निर्देश दिए।
शिमला जिले में 149.43 करोड़ रुपये की जलापूर्ति योजना मंजूर- सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स ने कहा कि शिमला जिले के मतियाणा, कुमारसैन, सैंज और आसपास के गांवों के लिए 149.43 करोड़ रुपये की जलापूर्ति योजना मंजूर की गई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य पीसी धीमान ने विभागीय गतिविधियों का ब्योरा दिया।
इस मौके पर मुख्य सचिव पी मित्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वीसी फारका, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त डा. श्रीकांत बाल्दी, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अभियंता आरके कंवर और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।