मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भाजपा विधायकों पर आरोप लगाया कि वे सदन में सिर्फ शोर-शराबा और वाकआउट करने ही आते हैं। सदन में किसी गंभीर मुद्दे पर बहस के समय विपक्षी विधायक शोर मचाते हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जसवां परागपुर हलके के डाडासीबा में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्षी विधायक सदन में आते ही हाजिरी लगाते हैं ताकि भत्ता मिल जाए। उसके बाद बीच में वाकआउट करते हैं। सीएम ने कहा कि हालांकि वह विपक्षी विधायकों का सम्मान करते हैं और सदन में दोनों पक्षों का होना एक परंपरा है। राजनीति में वह किसी से द्वेष की भावना नहीं रखते हैं।
मैं खानदानी राजनीतिज्ञ नहीं हूं। लेकिन, कुछ लोग राजनीति में नटवर लाल भी होते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कृपा से राजनीति में आया। मैं तो प्रोफेसर बनना चाहता था लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मैं राजनीति में जरूर हूं लेकिन
राजनीतिज्ञ नहीं हूं। मैं छठी बार सीएम बना हूं। लेकिन, चाहने से कुछ नहीं होता है। इसमें ईश्वर की कृपा और मेहनत जरूरी होती है। मैं जरूरत के हिसाब से काम करता हूं, वोट के लिए नहीं करता। मैं वोट का सौदागर नहीं हूं लेकिन जनता का सेवक हूं।
एमएलए विक्रम अच्छा लड़का पर नासमझ
सीएम ने जसवां परागपुर के विधायक विक्रम ठाकुर को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह अपनी सरकार के समय अपने क्षेत्र में ही कॉलेज नहीं बना पाए लेकिन वीरभद्र ने कॉलेज बना दिया। क्या विक्रम को अपने इलाके में तरक्की पसंद नहीं है। विक्रम अच्छा लड़का है, पर नासमझ है। विधानसभा में बोलता कम है लेकिन शोर ज्यादा मचाता है। उसे शोरशराबे में प्रथम स्थान मिलना चाहिए।