हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एसएम कटवाल मामले में वीरभद्र सिंह मंगलवार को ऊना स्थित सीजेएम कोर्ट व जेएमआईसी-2 में पेश हुए। सीजेएम कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि 13 नवंबर और जेएमआईसी-2 ने 24 नवंबर 2014 तय की।
हालांकि वीरभद्र सिंह को कोर्ट द्वारा आवश्यक जरूरत होने पर ही इन तिथियों में हाजिर होना होगा। मुख्यमंत्री के अधिवक्ता वीरेंद्र धर्माणी ने आईपीसी की धारा 251 के तहत याचिका दायर की कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों की तर्ज पर समन केस में मुख्यमंत्री को आरोप तय होने से पहले सुनवाई का मौका दिया जाए।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से धारा 259 के तहत दरखास्त दी गई थी। धर्माणी ने बताया कि उनके द्वारा कंपलेंट से लेकर अब तक सभी फैसलों की नकलें कोर्ट में पेश की जा चुकी हैं। आपराधिक मानहानि मामले में अदालत में 251 के तहत अर्जी दी गई है।
सीजेएम कोर्ट में रोहाड़ा में आयोजित जनसभा से संबंधित बयान की सुनवाई हुई जबकि जेएमआईसी-2 में गुलेर उप चुनाव के दौरान दिए गए बयान के संबंध में सुनवाई हुई। उल्लेखनीय है कि इन दोनों मामलों को निचली अदालतें पहले ही खारिज कर चुकी हैं। लेकिन एसएम कटवाल द्वारा हाईकोर्ट में अपील के बाद इन मामलों की फिर से निचली अदालत में सुनवाई शुरू हुई है।