मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में दृष्टिबाधित की सेवाओं संबंधी मामलों को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। इसमें निर्णय लिया गया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार बैकलॉग भरा जाए। बैठक में सरकारी क्षेत्र में नौकरी के लिए कुछ योग्यता से संबंधित मापदंडों में छूट देने का भी फैसला लिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ण रूप से दृष्टिबाधित भी रिक्त पदों के लिए शामिल किए जाएंगे। यह भी निर्देश दिए गए कि पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाए और दृष्टिबाधितों से संबंधित सभी औपचारिकताएं 31 जुलाई 2017 तक पूरी की जाए।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल, अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण श्रीधर, अरविंद मेहता, एजेवी प्रसाद और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के अतिरिक्त फेडरेशन के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
सरकार के नए निर्देश लागू नहीं तो होगी भूख हड़ताल
राष्ट्रीय दृष्टिहीन महासंघ के राज्य प्रतिनिधि प्रो. जागीराम और इस संस्था की हिमाचल शाखा के महासचिव शोभूराम ने कहा कि सीएम से सभी मुद्दों पर गंभीरता से बात हुई है। 77 पदों को बैकलॉग से भरा जाएगा।
भाषा अध्यापक, संगीत अध्यापक, बीएड में छूट देने की भी मांग की गई थी। चतुर्थ श्रेणी की नियुक्ति में भी राहत देने की बात की गई थी।
काडर स्ट्रेंथ आधार पर बैकलॉग भरने का भी मामला उठाया गया। सरकार से बैठक के बाद अब आंदोलन स्थगित कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार के नए नए निर्देश लागू नहीं किए गए तो अब आगे भूख हड़ताल होगी।