मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि ईवीएम के माध्यम से मतदान पर सवाल उठने के मामले में पार्टी स्तर पर चर्चा होगी। अगर ऐसा लगा कि ईवीएम में गड़बड़ी हो सकती है तो चुनाव आयोग से बैलेट पेपर की परंपरा शुरू करने की मांग की जाएगी।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी वे इस बारे में स्पष्ट तौर पर नहीं कह सकते हैं कि ईवीएम में गड़बड़ी होती है, लेकिन हिमाचल सरकार भी इस मामले को लेकर चर्चा करेगी। सीएम वीरभद्र सिंह शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे।
डलहौजी की कांग्रेस विधायक और पंजाब की पार्टी प्रभारी आशा कुमारी ने भी शिमला में ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी होने के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि बैलेट पेपर से ही चुनाव होने चाहिए, क्योंकि विकसित देशों में भी अब बैलेट पेपर से चुनाव को ही बेहतर प्रक्रिया माना जा रहा है।
अब सीएम वीरभद्र सिंह ने भी कह दिया है कि बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की मांग की जाएगी। एक अन्य सवाल पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस में ब्लॉक, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर संस्थागत चुनाव की व्यवस्था थी।
राष्ट्रीय कार्यसमिति का चुनाव भी चुने हुए डेलीगेट करते थे। इस पुरानी परंपरा को बहाल करना चाहिए। पदाधिकारी मनोनीत नहीं होने चाहिए, बल्कि चुनाव के जरिये चुनकर आने चाहिए।