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एक दूसरे से मिले वीरभद्र और धूमल, पढ़ें क्या कहा?

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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने हाथ तो मिलाए पर क्या दिलों का फासला कम होगा? राजभवन में दोनों गर्मजोशी से मिले। मुस्कुराते हुए हाथ मिलाए। अभिवादन किया। लेकिन वार-पलटवार का दौर थमता नजर नहीं आया।
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राजभवन के गेट से ही दोबारा तीखे वारों का दौर शुरू हो गया। धूमल ने कहा कि वीरभद्र सिंह जिस मर्जी से उनकी जांच करवा लें तो वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार को इसकी जल्दी नहीं। राजभवन में हुए समारोह में वीरभद्र सिंह और धूमल लगभग साढे़ 11 बजे साथ-साथ भीतर पहुंचे।

सामने देखते ही वीरभद्र सिंह और प्रेमकुमार धूमल ने हाथ मिलाए। दोनों ही मुस्कराए भी। हालांकि, राजभवन के व्यस्त माहौल में दोनों कुछ बतिया नहीं पाए। अधिकतर गणमान्य लोगों की नजरें दोनों के इस मिलन पर थी। दिलचस्प यह था कि दोनों नेताओं के चेहरों पर खास शिकन न थी।
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राजभवन से आते ही एक दूसरे पर बरसे

बाद में राजभवन के भीतर ही वीरभद्र मीडिया से रू-ब-रू हुए तो धूमल ने राजभवन के बजाय अपने निजी आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर तीखे आरोप जड़े। धूमल ने कहा कि एएन शर्मा मामले में सरकार ने कोई गलत काम नहीं किया था।

नौकरी छोड़ने को लेकर एएन शर्मा ने जो नोटिस दिया था उसे नोटिस अवधि खत्म होने के तीन दिन पहले वापस ले लिया था। गौरतलब है कि सरकार इस मामले की जांच करवा रही है। सरकार कहना है कि ये नियमों के खिलाफ है।

पिछले कुछ दिनों से सीएम वीरभद्र और पूर्व सीएम के बीच जुबानी जंग चल रही है। कई मुद्दों पर एक दूसरे को घेरा जा रहा है।

सीबीआई जांच की अभी जल्दबाजी नहीं

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि रघुनाथ मंदिर में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो। पत्रकारों के पूछने पर उन्होंने मंदिरों की सुरक्षा के लिए सरकारी नियंत्रण के लिए बोर्ड जैसी व्यवस्था करने की जरूरत जताई।

साथ ही कहा कि इसमें स्थानीय कमेटी के अधिकार भी सुरक्षित रहने चाहिए। वीरभद्र ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री पर सीबीआई जांच के मसले में सरकार को कोई जल्दी नहीं है। वे राजभवन में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे।

कहा कि लव जिहाद पर विहिप की सूची के मुताबिक उनकी जानकारी में कोई मामला नहीं है। अगर परिषद कोई तथ्यपूर्ण जानकारी देता है तो सरकार इस पर कार्रवाई करेगी। रेल बजट पर वीरभद्र ने कहा कि हिमाचल के कई इश्यूज हैं। वीरभद्र दिल्ली में चुनाव प्रचार भी करेंगे।

धूमल ने कहा जिससे मर्जी जांच करवा ले सरकार

नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रशासनिक ट्रिब्यूनल बहाली पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जिस मर्जी से जांच करवा लें, वे डरने वाले नहीं हैं।

हां, मुख्यमंत्री मीडिया ट्रायल बंद करें। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति खराब है। लोन लेकर कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है। प्रदेश में विकास ठप है। भाजपा ने सत्ता में रहते 6,672 करोड़ का ऋण लिया था।

लेकिन कांग्रेस सरकार ने 7 महीने में ही 5 हजार करोड़ से ज्यादा कर्ज ले लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वन माफिया, खनन माफिया और शराब माफिया सक्रिय हैं जबकि भाजपा विधायकों के घरों में विजिलेंस के छापे पड़ रहे हैं। रिश्तेदारों को भी केस में लपेटने की कोशिश की जा रही है।
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टायर्ड चला रहे सरकार

पत्रकारों से बातचीत में धूमल ने कहा कि प्रदेश की सरकार टायर्ड और रिटायर्ड लोग चला रहे हैं। राजनीतिज्ञों पर केस बनाने के लिए अफसरों में होड़ लगी है। ऐसे अफसर भाजपा नेताओं की सूची में हैं।

धूमल ने कहा, डेढ़ किलोमीटर के दायरे में स्कूलों को किया जा रहा अपग्रेड, चलाने के लिए स्टाफ नहीं। धूमल ने कहा कि जब वे भाजपा विधायक के साथ राज्यपाल कल्याण सिंह से मिले तो राज्यपाल ने उन्हें पूछा कि क्या हिमाचल में लव जिहाद के मामले हैं? ऐसे में धूमल ने कहा कि लव जिहाद की रिपोर्ट मांगी गई थी, अभी तक उन्हें नहीं मिली है।
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