मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की आयकर रिटर्न असेसमेंट के मामले पर हाईकोर्ट में सुनवाई अब 20 सिंतबर को होगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ के समक्ष सोमवार को मामले पर दोनों पक्षों ने दलीलें पेश कीं।
सुनवाई पूरी नहीं हो पाने की वजह से इसे अगली तारीख के लिए टाल दिया गया। गौरतलब है कि अपीलकर्ता वीरभद्र सिंह ने इनकम टैक्स ट्रिब्यूनल की ओर से पारित आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। वीरभद्र सिंह ने ट्रिब्यूनल के 8 दिसंबर 2016 के आदेशों के खिलाफ अपील दायर कर आयकर रिटर्न की पुन: असेसमेंट पर रोक लगाने की गुहार लगाई है।
कोर्ट ने 20 जनवरी को पारित आदेशों में पुन: असेसमेंट पर रोक से इनकार कर यह स्पष्ट किया था कि विभाग अपने निर्णय के अनुसार आगामी कार्यवाही जारी रख सकता है। लेकिन उनकी अंतिम कार्यवाही इस अपील के अंतिम निपटारे पर निर्भर करेगी।
अब विभाग का कहना है कि उन्होंने वीरभद्र सिंह की आयकर रिटर्न का पुन: असेसमेंट कर लिया है, लिहाजा इस अपील में कुछ किसी भी निर्णय की गुंजाइश नहीं है।
आयकर विभाग की दलील है कि अब प्रार्थी चाहे तो वह अपनी पुन: असेस की गई आय को उपयुक्त फोरम में चुनौती दे सकता है।
वीरभद्र सिंह की ओर से दलील दी गई कि कोर्ट ने आयकर रिटर्न के पुन: असेसमेंट को अपील के अंतिम निपटारे पर निर्भर ठहराया था। ऐसे में ट्रिब्यूनल के आदेशों पर हाईकोर्ट अपना निर्णय देने की पर्याप्त शक्तियां रखता है।