पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद भले ही धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में भारत-पाक मैच न कराने के विरोध में कई दिग्गज नेता उतर आए हों, लेकिन कांगड़ा प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह इसके समर्थन में आ गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच मैच होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवादी घटनाओं के बाद मैच को कराना
या न कराना बीसीसीआई पर निर्भर करता है, लेकिन प्रदेश सरकार को इसमें कोई एतराज नहीं है। धर्मशाला-मैकलोडगंज रोपवे के शिलान्यास के दौरान मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में वीरभद्र सिंह ने कहा कि चंबा में हुई गोहत्या मामले में एक आरोपी को पकड़ा गया है, लेकिन कुछ हिंदू संस्थाएं इसकी आड़ में राई का पहाड़ बनाने की कोशिश कर रही हैं। यह कतई बर्दाश्त नहीं होगा।
कहा- गोहत्या मामले में कुछ हिंदू संस्थाएं राई का बना रहीं पहाड़
अगर कोई बाहर से आकर सूबे की सांप्रदायिक भावना को हानि पहुंचाने की कोशिश करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। हिमाचल शांतिप्रिय प्रदेश है। यहां पर शांतिमय माहौल स्थापित है। भाजपा नेता शांता कुमार की ओर से हिमाचल सरकार को नालायक करने के सवाल पर सीएम ने चुटकी ली कि अब शालीनता की परिभाषा बदल रही है।
उन्होंने कहा कि रोपवे बनने से धर्मशाला और स्मार्ट हो जाएगा। स्मार्ट सिटी पर प्रदेश सरकार के रुख पर सीएम ने कहा कि उनकी ओर से सभी सकारात्मक कदम उठा दिए गए हैं। अब फैसला केंद्र सरकार को करना है। नगर निगम बनने के बाद धर्मशाला का तीव्र गति से विकास हो रहा है।
ठेकेदार न बनें प्रधान और उपप्रधान: वीरभद्र
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पुलिस मैदान धर्मशाला में कांगड़ा, ऊना और चंबा के नवनिर्वाचित प्रधानों-उपप्रधानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सर्वप्रथम गरीब, बेसहारा और दबे हुए लोगों की मदद करें। उनकी सरकार यह नहीं चाहती कि नवनिर्वाचित प्रधान, उपप्रधान और वार्ड पंच ठेकेदार बन जाएं। प्रधानों-उपप्रधानों को पारदर्शिता बरतनी होगी। गांवों में ठेके पीडब्ल्यूडी और आईपीएच की तर्ज पर आवंटित होने चाहिए। सरकार पंचायतों के विकास को पर्याप्त धन उपलब्ध करवाएगी।
प्रदेश में 114 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। हर पंचायत 10 लाख की राशि के विशेष विकास अनुदान के लिए पात्र है। सरकार इसके लिए 11.40 करोड़ व्यय करेगी। महिला प्रतिनिधियों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित बनाने को वर्ष में दो बार महिला ग्राम सभाएं करवाने का प्रावधान किया है। ये ग्राम सभाएं महिला दिवस पर 8 मार्च को और सितंबर के प्रथम रविवार को होंगी।
सीएम बोले, पंचायतों के विकास को पर्याप्त धन उपलब्ध करवाएगी सरकार
सीएम ने कहा कि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य पर ज्यादा जोर दे रही है। पांच बच्चों के लिए भी वह स्कूल खोलने से नहीं हिचकिचाते। उनके इसी विजन से हिमाचल में साक्षरता दर में वृद्धि हुई है। समारोह के दौरान प्रधानों, उपप्रधानों को एक बैग किट दी गई। किताबों में जनप्रतिनिधियों के कामकाज की रूपरेखा दी गई है। कहा कि पंचायतों के विकास को ऐसी किताबें आगे भी दी जाती रहेंगी।
समारोह में विस अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल, परिवहन मंत्री जीएस बाली, शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा, सीपीएस नीरज भारती और जगजीवन पाल, विधायक आशा कुमारी, कुलदीप कुमार, संजय रतन, अजय महाजन, किशोरी लाल, यादविंद्र गोमा, पवन काजल, अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के अध्यक्ष चंद्र कुमार
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उपाध्यक्ष कुलदीप पठानिया, कांगड़ा सहकारी बैंक के अध्यक्ष जगदीश सिपहिया, वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया, पर्यटन विकास बोर्ड के अध्यक्ष मेजर विजय सिंह मनकोटिया, कर्मचारी एवं श्रम कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेंद्र मनकोटिया, उपायुक्त रितेश चौहान भी मौजूद रहे।
हिमाचल पोलियो मुक्त राज्य: वीरभद्र
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने रविवार को हॉलीलॉज में पांच वर्ष आयु तक के बच्चों को पोलियो खुराक पिलाकर पल्स पोलियो अभियान के पहले चरण का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल को पहले ही वर्ष 2009 में पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है। नालागढ़ में पोलियो का अंतिम मामला प्रवासी मजदूर के बच्चे में पाया गया था। प्रदेश ने 82 प्रतिशत बच्चों का पूर्णतया प्रतिरक्षण कर देश भर में अव्वल स्थान प्राप्त कर नई उपलब्धि हासिल की है।
कहा कि सरकार प्रदेश में शत-प्रतिशत प्रतिरक्षण कवरेज को मिशन इंद्रधनुष की दिशा में प्रयासरत है। सरकार ने बच्चों में निमोनिया और डायरिया की रोकथाम के लिए प्रतिरक्षण कार्यक्रम में पैंटावेलेंट और रोटा टीकाकरण शुरू किया है। कहा कि पैंटावेलेंट वैक्सीन सितंबर 2015 से टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा है, जबकि रोटा वैक्सीन को कांगड़ा जिले में दिसंबर, 2015 में आरंभ किया गया था। यह जिला इस कार्यक्रम की शुरुआत करने वाला देश का पहला जिला था।
कहा कि पल्स पोलियो अभियान का दूसरा चरण 21 फरवरी को होगा। यह अभियान प्रदेश के 12 जिलों में एक साथ होगा। कहा कि राज्य में करीब 7 लाख बच्चों को पोलियो खुराक पिलाने का लक्ष्य हासिल करने को विभिन्न भागों 5895 बूथों की स्थापित किए हैं। 220 मोबाइल टीमों सहित बस अड्डों एवं रेलवे स्टेशनों पर 117 पारगमन प्वाइंट स्थापित किए हैं।
बच्चों को पोलियो खुराक पिलाने के लिए एएनएमए आंगनवाड़ी एवं आशा वर्कर सहित लगभग 22000 कर्मी सहयोग करेंगे। इस दौरान हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक हंसराज शर्मा, राज्य कार्यक्रम अधिकारी डा. मंगला सूद, रोटरी मिड टाउन अध्यक्ष विकास कपूर सहित अन्य भी मौजूद रहे।
प्रदेश में बच्चों को नहीं पिलाई जाएगी पीवी-2 स्ट्रेन की दवा
प्रदेश में अब बच्चों को पोलियो के पीवी-2 स्ट्रेन की दवा नहीं पिलाई जाएगी। पोलियो के इस स्ट्रेन से हिमाचल सहित पूरा देश पूरी तरह मुक्त हो चुका है। अब प्रदेश में केवल पीवी-1 और पीवी-2 स्ट्रेन की दवा पिलाई जाएगी। अभी तक तीनों स्ट्रेन की दवाई इकट्ठा पिलाई जा रही है। सरकार का दावा है कि प्रदेश पूरी तरह पोलियोमुक्त हो गया है।
वर्ष 2009 में ही सोलन में पोलियो का एक मामला सामने आया था। ये भी यूपी के एक प्रवासी मजदूर परिवार में सामने आया था। इसके बाद देश में पोलियो का आखिरी मामला 13 जनवरी, 2011 को ही पाया गया था। पोलियो पीवी-2 से संबंधित ये मामले इसके बाद देश में कहीं नहीं देखे गए। ऐसे में अब पीवी-2 दवा को नहीं पिलाने का निर्णय हो चुका है।
क्या है पीवी -2 स्ट्रेन- पोलियो वायरस की तीन स्ट्रेन मानी जाती हैं। ये पीवी-1, पीवी -2 और पीवी - 3 होती है। तीनों में ही पर्याप्त जेनेटिक कलस्टर्स होते हैं। पीवी 2 वाइल्ड पोलियो वायरस को भारत में पूरी तरह से खत्म किया जा चुका है। पोलियो के ये वायरस बच्चों को पांच साल से कम उम्र में ही पैरालिटिक बना देते हैं।
हिमाचल में 17 जनवरी को नए साल के पहले पल्स पोलियो अभियान में तीनों स्ट्रेन की इकट्ठा दवा पिलाई गई है। अब दूसरे चरण में 21 फरवरी को केवल दो ही स्ट्रेन की दवा दी जाएगी। ये पीवी-1 और पीवी-3 की मिश्रित दवा होगी। यानी, इससे पीवी-2 की दवा नहीं होगी। प्रदेश सहित पूरे भारत में अब इस स्ट्रेन की पोलियो बीमारी नहीं है। इसीलिए ऐसा किया गया है। -डा. डीएस गुरुंग, निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं, हिमाचल प्रदेश