मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि बीजेपी में आपसी लड़ाई चल रही है और पांच गुटों में बंटी है। दूसरी ओर, सरकार को बदनाम करने के लिए तरह-तरह की साजिश भाजपा रच रही है। जयराम सरकार ने चुनाव से छह महीने पहले सरकारी खजाना लुटाया है। जगह-जगह शिक्षण संस्थान खोले, पर पढ़ाने के लिए शिक्षक तैनात नहीं किए। पूर्व सरकार के कार्यकाल में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो गिरावट आई है, उसमें अब कांग्रेस सुधार कर रही है। सरकार हेल्थ सेक्टर को वर्ल्ड क्लास बनाना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के प्रयासों के कारण हिमाचल निराश्रित बच्चों की उचित देखभाल व शिक्षा के लिए कानून बनाने वाला देश का पहला राज्य बना है। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना शुरू कर उन्हें चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्ज दिया। बच्चों की पढ़ाई के खर्च के अतिरिक्त सरकार उन्हें जेब खर्च के लिए 4 हजार प्रतिमाह दे रही है। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत दो साल में 38.50 करोड़ रुपये के लाभ प्रदान किए गए। सरकार विधवाओं के 23 हजार बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाएगी। दिव्यांग बच्चों के लिए विस्तृत योजना का प्रावधान किया जाएगा। इसके लिए बच्चों के शिक्षकों से भी चर्चा की जाएगी, ताकि उनकी जरूरतों का समावेश योजना में किया जा सके।