इससे पहले हमीरपुर में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश में सैकड़ों कार्यालयों को बंद करने के विरोध में भाजपा के हस्ताक्षर अभियान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने तंज कसा, विपक्ष का दायित्व कुछ न कुछ करना है। सत्ता में रहते पूर्व भाजपा सरकार ने पांच साल में खुद तो कुछ नहीं किया। कांग्रेस सरकार सत्ता में आने के बाद व्यवस्था परिवर्तन के लिए कार्य कर रही है। नादौन प्रवास के दौरान सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में सुक्खू ने कहा कि ऐसे में भाजपा नेता कुछ न कुछ बोलकर महज विरोध कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल के कांग्रेस सरकार के इंतजार का दिलासा देने के बयान पर सुक्खू ने कहा कि पूर्व सीएम धूमल खुद प्रशासनिक व्यवस्था को समझते हैं। वह यह भी समझते हैं कि बजट का प्रावधान करना पड़ता है। कांग्रेस सरकार ने पहली गारंटी पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया है। अगले 9 गारंटी के लिए बजट का प्रावधान किया जा रहा है। सरकार अपनी 10 गारंटी को हर हालत में पूरा करेगी। इंतजार किसी बात का नहीं है, बल्कि अपना-अपना काम करने का तरीका होता है।
इससे पहले सुक्खू पत्नी कमलेश ठाकुर के साथ सोमवार सुबह ज्वाला जी शक्तिपीठ में माथा टेकने पहुंचे। मुख्यमंत्री 12:30 बजे नादौन पहुंचे। लोनिवि विश्राम गृह और मिनी सचिवालय नादौन में लोगों की समस्याएं सुनीं। एक जरूरी बैठक के कारण उन्हें करीब 2:00 बजे नादौन दौरा बीच में छोड़कर हेलिकाप्टर से शिमला जाना पड़ा। उन्होंने शिमला जाते हुए कहा कि वह सोमवार शाम को करीब 6:00 बजे तक वापस नादौन पहुंचकर लोगों से मिलेंगे। उन्होंने रविवार को भी नादौन में लोगों की समस्याएं सुनीं।