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HP Assembly Session: सीएम बोले- हिमकेयर में बड़ा घोटाला, आयुष्मान योजना में केंद्र के बजट से ही करेंगे इलाज

Fri, 05 Dec 2025 01:00 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, तपोवन (धर्मशाला)

सार

विधानसभा शीत सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को सदन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार हिमकेयर योजना में हुए घोटाले की विस्तृत जांच करवाएगी। 
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सदन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : आईपीआर
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमकेयर योजना के नाम पर हिमाचल प्रदेश में बड़ा घोटाला हुआ है। सरकार इसकी जांच करवा रही है। हिमकेयर में अब तक हुए खर्च की राशि का प्रधान महालेखाकार से ऑडिट करवाया जा रहा है। योजना शुरू करने के उद्देश्य की पूर्ति नहीं हुई। मूल भावना से खिलवाड़ कर भ्रष्टाचार किया गया। इस पर नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि जीवन बचाने वाली योजना की तीन साल में जांच पूरा न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

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विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक विनोद कुमार और त्रिलोक जम्वाल के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में आयुष्मान भारत योजना के तहत सिर्फ उतना ही इलाज रोगियों का करेगी, जितना पैसा केंद्र से आएगा। योजना में अब राज्य सरकार की ओर से कोई पैसा खर्च नहीं किया जाएगा। सरकार आयुष्मान पर खर्च की जाने वाली राशि को हिमकेयर पर खर्च करेगी। आयुष्मान भारत योजना में हिमाचल को केंद्र से सिर्फ 43 करोड़ रुपये ही मिले हैं, जबकि प्रदेश सरकार योजना पर 110 करोड़ तक खर्च कर चुकी है। योजना को केंद्र सरकार ने सिर्फ नाम दिया है, पैसा राज्य सरकार को भी देना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमकेयर योजना के तहत निजी मेडिकल दुकानों और निजी अस्पतालों को फायदा पहुंचाया गया। ऐसे निजी अस्पतालों में इलाज के बिल भी बने, जहां इलाज करने वाली आधुनिक तकनीक भी उपलब्ध नहीं थी। हिमकेयर के तहत अभी तक निजी अस्पतालों को 211 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। 110 करोड़ रुपये शेष हैं। सरकार योजना में हुए घोटाले को जनता की अदालत में ले जाएगी। योजना से किसी को भी वंचित नहीं रखा जाएगा। विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि सरकार बेशक घोटाले की जांच करे, दोषियों को भी सजा दे लेकिन इलाज को नहीं रोकना चाहिए। सरकारी संस्थानों में भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि जांच में अभी तक किसी का नाम सामने क्यों नहीं आया है।

भाजपा में गुटबाजी से बढ़ा नेता प्रतिपक्ष का तनाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हिमकेयर योजना का लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ तो सरकार जांच करवानी पड़ी है। भाजपा में गुटबाजी से नेता विपक्ष जयराम ठाकुर में तनाव बढ़ा है। नेता विपक्ष को अधिक गुस्सा नहीं करना चाहिए। योजना के तहत इलाज लगातार हो रहे हैं।

तय समय से अधिक हिमकेयर कार्ड बनाने के देंगे निर्देश : शांडिल
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि हिमकेयर योजना के तहत जरूरत पड़ने पर एमएस और मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपलों को तय सीमा से अधिक हिमकेयर कार्ड बनाने को अधिकृत किया जाएगा। अभी 100 कार्ड बनाने का अधिकार दिया है। मनरेगा वर्करों से हिमकेयर कार्ड बनाने पर कोई प्रीमियम नहीं लिया जाता।
 

देरी से आए मंत्री विक्रमादित्य, मुख्यमंत्री को देना पड़ा उत्तर
प्रश्नकाल के दौरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह सदन में देरी से पहुंचे। उन्होंने अपने विभाग का उत्तर देने के लिए किसी अन्य मंत्री को भी अधिकृत नहीं किया था। विधानसभा अध्यक्ष ने जवाब के लिए मंत्री का नाम कई बार पुकारा, लेकिन वह सदन में नहीं थे। इस पर विपक्ष ने आपत्ति जताई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मंत्री की जगह विधायक विनोद कुमार के सवाल का जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 31 जुलाई तक भवनों, पुलों तथा सड़कों के निर्माण को 1637.89 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। संबंधित कार्यों के लिए 1216.86 करोड़ में से ठेकेदारों को 1075.45 करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। 141.41 करोड़ रुपये का भुगतान शेष है। ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का भुगतान उपलब्ध बजट के अनुसार किया जाता है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की वित्तीय पक्षपातपूर्ण नीति नहीं अपनाई जाती है। ऐसे में स्वतंत्र आंतरिक लेखा परीक्षण (इंटरनल आडिट) का कोई प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है।
 

सवालों के जवाब नहीं मिलने पर विपक्षी सदस्यों ने जताई आपत्ति
ठेकेदारों के बैंक खातों के एनपीए में बदलने, उनके सीआईबीआईएल स्कोर खराब होने, मजदूरों एवं आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान में देरी जैसी समस्याओं को देखते हुए विभाग के अन्तर्गत किसी राहत नीति या वित्तीय पुनर्सरंचना की कोई भी योजना प्रस्तावित नहीं है।  सवालों के जवाब नहीं मिलने पर विपक्षी सदस्यों ने सदन में आपत्ति जताई। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि जब किसी संस्थान को बंद किया जाता है तो उसकी बाकायदा अधिसूचना होती है। यह अधिसूचना एक ही जगह से जारी की जाती है। ऐसे में इसका उत्तर देना कोई मुश्किल कार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सत्र में रोजाना कई प्रश्नों के उत्तर विधायकों को नहीं मिलते। इससे सरकार की छवि खराब हो रही है। इस पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि अगले साल के सत्र में इसकी सूचना उपलब्ध करवा दी जाएगी। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर, रणधीर शर्मा और त्रिलोक जम्वाल ने तीन साल में बंद व डिनोटिफाई किए संस्थानों का ब्योरा मांगा था। 

वीडियो कांफ्रेंसिंग से होनी चाहिए कैदियों की पेशी : सत्ती
भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कैदियों की पेशी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि कैदियों को पेशी के लिए लाने-जाने में कई पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगती है। इससे थानों में स्टाफ की कमी हो जाती है। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि विचाराधीन कैदियों को जिले के थानों तथा चौकियों में तैनात जवानों की सुरक्षा में न्यायालय में पेश किया जाता है। इस कारण जिले की कानून व्यवस्था प्रभावित नहीं होती है। पुलिस द्वारा इन ड्यूटियों पर तैनात पुलिस बल के अलावा उपलब्ध पुलिस बल का यथासंभव समुचित प्रबंधन किया जाता है। जिला पुलिस अधीक्षकों को भारतीय आरक्षित वाहिनियों से समय-समय पर आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल इस कार्य विशेष को प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि न्यायालयों में सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भी नियमित रूप से करवाई जा रही है। उच्च न्यायालय और जिला न्यायपालिका के लगभग सभी न्यायालय कक्षों को या तो आवश्यक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) हार्डवेयर से सुसज्जित कर दिया गया है या चालू वित्तीय वर्ष 2025-2026 के दौरान सुसज्जित किए जाने की उम्मीद है। सभी जेलों में भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग उपकरण स्थापित किए गए हैं।
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अर्की में भू अधिग्रहण को 123 करोड़ का मुआवजा जारी : विक्रमादित्य
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र में फोरलेन परियोजना के तहत अभी तक 48-63-41 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। 123 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि भूमि मालिकों को वितरित की जा चुकी है। शेष मुआवजा राशि 38.52 करोड़ रुपये का आवंटन आवश्यक दस्तावेज पूर्ण होने के बाद किया जाएगा। विधायक संजय अवस्थी के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शिमला से प्राप्त सूचना के अनुसार एनएचएआई ने किसी भी कार्य को सबलेट करने की अनुमति नहीं दी है। 
 
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