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Shimla: झड़ग गांव में 54 साल बाद शांत महायज्ञ, शिखा पूजन में उमड़ा आस्था का सैलाब, देखें लाइव रिपोर्ट

Fri, 05 Dec 2025 11:55 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, झड़ग(शिमला)

सार

 जुब्बल के तहत झड़ग गांव में देवता नागेश्वर मंदिर में 54 साल बाद शांत महायज्ञ शुरू हो गया। पहले दिन देव आगमन हुआ। 
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झड़ग में शांत महायज्ञ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जुब्बल तहसील के झड़ग गांव में 54 साल बाद शांत महायज्ञ चल रहा है। महायज्ञ के दूसरे दिन फेर पूजन के बाद मुख्य रस्म शिखा पूरी हुई। इसे देखने के लिए हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। अब शनिवार को देवताओं की वापसी होगी। सुबह करीब 8:00 बजे शिखा फेर की रस्म शुरू हुई।

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इस दौरान झड़ग के ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों के साथ पूरे गांव की परिक्रमा की। इसके बाद सुबह 9:00 शिखा पूजन शुरू हुआ। मंदिर की छत पर विशेष पूजा की गई। ब्राह्मणें ने मंत्र उच्चारण के साथ चार दिशाओं की पूजा की। इस दौरान मंदिर के चारों ओर देवता नागेश्वर महाराज के जयकारे गूंजते रहे। अपने तंबुओं के बाहर खूंद और लोग नृत्य करते रहे। शिखा फेर की रस्म पूरी होने के बाद खूंदों को मंदिर प्रांगण में बुलाया गया। महायज्ञ के दौरान झड़ग, नकराड़ी, बराल, चेबड़ी, चयाणू से पटसरी तक पूरी वैली में दिनभर उत्साह का माहौल रहा। हर घर में धाम पकी। वहीं, मंदिर की ओर से अलग लंगर चलाया गया।

झड़ग में 54 साल बाद शांत महायज्ञ - फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा व्यवस्था रही मजबूत
महायज्ञ के दौरान वाहनों की अधिक आवाजाही के चलते सुबह से शाम तक मंदिर स्थल से लेकर गांव की हर जगह पुलिस के जवान तैनात रहे। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को देखने के लिए अलग से अधिकारी नियुक्त किए हैं। झड़ग पंचायत के प्रधान अशोक सारटा ने इस सहयोग के लिए सभी विभागों के अधिकारियों और मेहमानों का आभार वक्त किया।



 

झड़ग में 54 साल बाद शांत महायज्ञ - फोटो : अमर उजाला
शांत अनुष्ठान में सभी घरों को दिवाली की तरह सजाया
करीब सात गांव की ओर से आयोजित किए जा रहे शांत अनुष्ठान में सभी घरों को दिवाली की तरह सजाया गया गया है। घरों के बाहर मेहमानों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है। देवताओं के साथ पहुंचे खूंदों के लिए उनके तंबुओं में भोजन की व्यवस्था है। खूंदों की लिए खानपान के सामान की व्यवस्था मंदिर की ओर से की गई है, लेकिन सभी खूंद भोजन अपने लिए स्वयं तैयार करते हैं। झड़ग गांव में मंदिर के आसपास खूंद दो रात तंबुओं में गुजारेंगे।

झड़ग में 54 साल बाद शांत महायज्ञ - फोटो : अमर उजाला
मंदिर के प्रमुख राय लाल मेहता ने बताया कि इस बार अनुष्ठान को पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढि़यों को समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का परिचय मिल सके। महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए और देवताओं के जयकारों, ढोल-नगाड़े, रणसिंगे, करनाल की धुनें गूंजती रहीं। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

झड़ग शांत महायज्ञ। - फोटो : संवाद
प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने लंबे अंतराल के बाद धार्मिक अनुष्ठान हो रहा है।
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झड़ग में 54 साल बाद शांत महायज्ञ - फोटो : अमर उजाला
यह अनुष्ठान आस्था को मजबूत करने के साथ लोगों को एक सूत्र में बांधने का कार्य कर रहा है। कार्यक्रम के समापन पर शनिवार को देवता नागेश्वर के आशीर्वाद के साथ सामूहिक कल्याण और वर्षभर की सुख-समृद्धि की कामना की गई।
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