मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावितों को राहत पहुंचाना सरकार की पहली प्राथमिकता और कर्तव्य है। भाजपा के नेता भटकाने का काम करते हैं। साल 2023 में भाजपा नेता आपदा प्रभावित परिवारों के साथ खड़े नहीं हुए। पहले विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की, जब सत्र बुलाया तो प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया और वॉकआउट कर दिया। इस बार की आपदा 2023 से बड़ी है। पिछले दिनों झंडूता में भी बड़ा हादसा हुआ। पंचायत चुनावों को लेकर सभी जिलों के उपायुक्तों से बात की गई, कुछ ने कहा कि अभी पूरी तरह से कई पंचायतों की सड़कें नहीं खुली हैं। सिर्फ चुनावों को स्थगित करने की बात की गई। सभी सड़कें खुलने पर ही चुनाव होंगे। आपदा में बेघर हुए लोगों को घर बनाने के लिए जमीन का मसला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।