एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल विकसित होगा
मुख्यमंत्री ने प्रशासन में पारदर्शिता और दक्षता पर बल देते हुए कहा कि खनन गतिविधियों को विनियमित करने और इससे संबंधित प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य की आय सृजित करने के लिए नवीन पहल कर रही है। नई नीति अवैध खनन गतिविधियों पर अंकुश लगाते हुए प्रदेश के लिए राजस्व के स्रोत बढ़ाने और इसमें वृद्धि करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के संसाधनों की रक्षा करने और पर्यावरण अनुकूल व वैज्ञानिक तरीके से खनिज संसाधनों का दोहन करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं।
80 खनन गार्ड भर्ती होंगे
अवैध खनन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार शीघ्र ही उद्योग विभाग में 80 खनन गार्डों की भर्ती करेगी। सुक्खू ने कहा कि राजस्व अर्जन के सरकार के प्रयास फलीभूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के सभी रास्तों को बंद किया गया है और सरकार के ईमानदार प्रयासों से लगभग 2200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी तरीके से शराब के ठेकों की नीलामी एवं निविदाओं के माध्यम से राजस्व में बढ़ौतरी हुई है। सरकार की इस पहल की सफलता की दृष्टिगत भविष्य में भी नीलामी प्रक्रिया को जारी रखा जाएगा।
अब ऑनलाइन जांचे जाएंगे भवनों के नक्शे
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 6 शहरी स्थानीय निकायों और शहरी एवं नगर नियोजन विभाग के अधीन आने वाले सभी नियोजन क्षेत्रों के लिए ऑनलाइन ऑटो-डीसीआर (विकास नियंत्रण विनियमन) बिल्डिंग परमिशन सिस्टम का शुभारंभ किया। इस प्रणाली से भवन निर्माण की अनुमति पहले की अपेक्षा शीघ्र मिलेगी। इस ऑनलाइन प्रणाली में भवनों के नक्शे कंप्यूटर द्वारा जांचे जाएंगे। 6 शहरी स्थानीय निकाय, नगर निगम शिमला एवं सोलन, बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण, नगर परिषद ठियोग व बद्दी, नगर पंचायत अर्की के अलावा शहरी एवं नगर नियोजन विभाग के अधीन आने वाले सभी नियोजन क्षेत्रों में इस प्रणाली के शुरू होने से आम लोगों को राहत मिलेगी। भवन निर्माण के नक्शों की स्वीकृति के लिए ऑनलाइन नए आवेदन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रणाली के आरंभ होने से पंजीकृत आर्किटेक्ट 500 वर्ग तक के प्लाट तक आवासीय भवन निर्माण के लिए स्वयं अनुमति देने के लिए पात्र होंगे। इसके फलस्वरूप आमजन को संबंधित कार्यालय के बार-बार चक्कर काटने से राहत मिलेगी।