प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हम केवल केंद्र से अपने अधिकार मांग रहे हैं। जब सुधार किए जाते हैं तो थोड़े समय के लिए रुकावट आती है इसका अर्थ ये नहीं है कि प्रदेश में आर्थिक संकट है।हम व्यवस्थित ढंग से वित्तीय व्यवस्था को ठीक कर रहे हैं। वित्तीय विवेकशीलता की तरफ आगे बढ़कर कुछ और सुधार करना चाहते हैं। सुक्खू ने कहा कि मंत्रियों, मुख्य संसदीय सचिवों के वेतन को रोकने से हमारा मतलब जागरुक करने से है। जो साधन संपन्न लोग बिजली का बिल भर सकते हैं उन्हें मुफ्त बिजली क्यों दी जाए। जो पानी का बिल भर सकता है उसे क्यों मुफ्त पानी दिया जाए। भाजपा सरकार ने जून 2022 में सभी का पानी बिल माफ कर दिया, लेकिन आप फाइव स्टार होटलों को मुफ्त पानी और सब्सिडी में बिजली दे रहे हैं जो उचित नहीं है।