इससे वायु की गुणवत्ता में सुधार होगा और पारिस्थितिकी तंत्र की भी रक्षा होगी। पर्यावरण संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 20 माह के अपने कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश को एक स्वच्छ और हरित राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए अनेक नवाचार कदम उठाए हैं। इस दिशा में उन्होंने चंबा में 14 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित होने वाले ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी स्टेशन की पायलट परियोजना की आधारशिला रखी है। इसके अलावा, जिला ऊना के पेखूबेला में 32 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र पहले ही स्थापित किया जा चुका है।
अगले छह महीनों में दो और सौर ऊर्जा संयंत्र शुरू होने की उम्मीद है। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, सलाहकार अधोसंरचना अनिल कपिल, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा, हिमाचल प्रदेश ऊर्जा निगम के निदेशक शिवम प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।