मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि कोरोना संकट के दौरान नियुक्त आउटसोर्स कर्मियों की नौकरी बचाने के लिए मंथन जारी है। कांग्रेस सरकार कानून के दायरे में रहकर हर काम करेगी। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला जैसी गलती नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन पंचायतों की ग्राम सभा में कोरम पूरा नहीं हुआ, वहां दोबारा बैठकों का आयोजन किया जाएगा। आपदा प्रभावितों के लिए घोषित 4,500 करोड़ के पैकेज की जल्द एसओपी जारी की जाएगी।
मंगलवार को राजधानी शिमला के रिज मैदान पर सुखाश्रय योजना के शुभारंभ के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में लगे आउटसोर्स कर्मियाें को लेकर दो-तीन बार मंत्री ने बैठक की है। उनके लिए कोई नीति नहीं मिली है। अब इन्हें कैसे एडजस्ट करना है, इस पर हम विचार कर रहे हैं। कई बार कानून के बिना नौकरियां दी जाती हैं। चौटाला ने जेबीटी शिक्षकों को बिना कानूनी तरीके से नौकरी दी, उन्हें उसका खामियाजा भुगतना पड़ा। हम ऐसा नहीं करेंगे।
राहत देने पर विचार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार के समय की भर्तियों की जांच जारी है। 65 लोग गिरफ्तार किए हैं। कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को भंग किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ऐसी सरकार चलाई कि प्रदेश का बेड़ा गर्क कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 4,500 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज का जल्द प्रभावित परिवारों को लाभ मिलना शुरू होगा। इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जा रही है।
इसके फाइनल होते ही जिन लोगों के घर टूटे हैं, उन्हें 7 लाख रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला परिषद कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इनकी बात सुनी जा रही है। मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना का शुभारंभ कर दिया गया है। आज से ही अनाथ बच्चों को योजना का लाभ मिलना शुरू हो गया है। उच्च शिक्षा ले रहे 18 साल से ऊपर के सभी बच्चों को भी लाभ दिया जा रहा है। 2,700 और बच्चों को प्रतिमाह 4,000 रुपये देने की योजना है। ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के 298 बच्चों को लैपटॉप दिए जाएंगे।