सोमवार को गगल एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश सरकार के 15 माह का लेखा-जोखा लेकर जनता की अदालत में जाएगी। सरकार ने जनहित के कई कार्य किए हैं और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई है। आर्थिक चुनौती, आपदा और राजनीतिक चुनौती का सामना किया। ओपीएस और महिलाओं को 1500-1500 रुपये देने की प्रक्रिया शुरू की। विधवाओं के बच्चों को निशुल्क शिक्षा, बुजुर्गों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा, मनरेगा की दिहाड़ी 60 रुपये बढ़ाई गई।
दूध और प्राकृतिक खेती पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बना है। भाजपा झूठ बोलकर जनता को ठगने का प्रयास कर रही है। 4 जून को देश और हिमाचल में भाजपा की सरकार बनने के भाजपाइयों के दावे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सोच रही है कि वह और धन देंगे, लेकिन बिकने वाले विधायक जा चुके हैं। अब केवल देव संस्कृति और कांग्रेस की विचारधारा पर विश्वास रखने वाले ही बचे हैं।
जब आरोप साबित होते हैं, तब एफआईआर होती है
सुक्खू ने कहा कि तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफा का फैसला भी विस अध्यक्ष जल्द करेंगे। सुधीर शर्मा और राजेंद्र राणा की ओर से मुख्यमंत्री के खिलाफ मानहानि का नोटिस और एफआईआर पर सुक्खू ने कहा कि जब आरोप साबित होते हैं, तब एफआईआर होती है, जुबानी कुछ नहीं होता। विधायकों के बिकने के मामले में कांग्रेस के पास पूरे तथ्य हैं।