नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा के तीन हफ्ते बाद भी सरकार सड़कें खोलने में नाकाम रही है, जिसके कारण बागवानों के सेब सड़ गए हैं। मजबूरन बागवान को सेब बहाने पड़े। सरकार सेब सड़ने पर बागवान की मदद करने के बजाय उसे थाने तलब कर रही है। पुलिस से धमकी दिलवा रही है कि सेब को क्यों फेंके। जयराम ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि यह नई तरह की व्यवस्था है, जहां सरकार की नाकामी की जिम्मेदारी भी पीड़ित पर डालकर उसे धमकाया जा रहा है। यह बहुत शर्मनाक कृत्य है। आपदा प्रभावित को राहत देने के बजाय धमकी देने की व्यवस्था आज तक कहीं नहीं दिखी होगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस तरह के कृत्य को वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार इस आपदा में मेहनत से प्रदेश की आर्थिकी में योगदान देने वाले बागवानों को राजनीति का हिस्सा न बनाएं तो बेहतर होगा।