इसके बाद सीएम ने बच्चे का हाथ पकड़ लिया और अपने साथ लेकर पैदल चल पड़े। इसे चॉकलेट दिलाई और कहानी सुनाकर इसे शांत किया। बच्चा इतना डर गया था कि इसकी तबीयत बिगड़ने लगी। सीएम ने तुरंत पुलिस को भी इसके माता-पिता का पता करने के निर्देश दिए। पुलिस के पास भी बच्चे की गुमशुदगी को लेकर कोई शिकायत नहीं पहुंची थी। ऐसे में पता लगाना मुश्किल था कि आखिर यह किसका बच्चा है। कुछ देर बाद पुलिस को बच्चे के पिता नाज चौक के पास मिल गए। यह काफी परेशान थे और अपने बेटे को ढूंढ रहे थे।
पुलिस ने बताया कि उनका बच्चा सुरक्षित है। पिता ने बताया कि वह और उनकी पत्नी दोनों बेटे के साथ मालरोड पर घूम रहे थे कि अचानक उनका बेटा आंखों से ओझल हो गया। अब दोनों एक घंटे से बेटे की तलाश में मालरोड पर दौड़ रहे थे। बाद में सीएम के पास पहुंचकर बेटे को सुरक्षित देखकर राहत की सांस ली। सैलानी ने सीएम सुक्खू का धन्यवाद किया। बताया जा रहा है कि यह सैलानी राजस्थान के रहने वाले हैं और वीकेंड पर छुट्टियां मनाने शिमला पहुंचे थे। मेयर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि बच्चे को सुरक्षित इसके माता पिता को सौंप दिया है।