पैरालंपिक में मेडल हासिल करने वाले हिमाचल के पहले खिलाड़ी निषाद कुमार को अभी तक सरकारी नौकरी नहीं मिल पाई है। इसके साथ ही अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी बड़ी प्रतियोगिताओं में पदक जीतने बाद मिलने वाली पुरस्कार राशि से भी वंचित है। निषाद की माता पुष्पा देवी और बहन रमा देवी ने रविवार को पंजोआ में मुख्यमंत्री से बात कर स्थिति से अवगत करवाया और मांग पत्र सौंपा।निषाद कुमार की माता ने बताया कि मुख्यमंत्री की तरफ से पुरस्कार राशि के शीघ्र दिए जाने का आश्वासन दिया गया है। अभी ए ग्रेड नौकरी को लेकर कोई बात नहीं की। निषाद कुमार उपमंडल अंब के तहत बदाऊं के रहने वाले है। वर्तमान में अमेरिका के कैलिफोर्निया के चोला विस्टा में स्थित ओलंपिक ट्रेनिंग केंद्र में अभ्यास कर रहे हैं। निषाद कुमार ने फोन पर बताया कि नियमों के अनुसार ओलंपिक पदक विजेता को प्रदेश सरकार की तरफ से ए ग्रेड जॉब दिया जाना चाहिए। उसके साथ के सभी खिलाड़ियों को अपने अपने राज्यों में सरकारों की तरफ से नौकरी दी जा चुकी है, लेकिन हिमाचल सरकार ने अभी तक इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया है। इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर के अनुसार सरकार की तरफ से दी जाने वाले ईनामी राशि भी सरकार की तरफ से नहीं मिल पाई है। निषाद ने बताया कि वह अभी अगस्त 2024 में पेरिस में में होने वाले पैरालंपिक के लिए 11 जनवरी से 20 अगस्त तक ओलंपिक ट्रेनिंग सेंटर चोला विस्टा सैन डियेगो कैलिफोर्निया में शिविर में शामिल हैं। इसके साथ ही वह 5 अप्रैल से 7 अप्रैल तक मैक्सिको में वर्ल्ड ग्रैंड प्रिंक्स, 17 मई से 25 मई तक कोबे जापान में होनेवाली वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप की भी तैयारी कर रहा है। इधर, सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने निषाद के परिजनों को मांग पूरी करने का आश्वासन दिया है।