मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राशि पिछले कुछ वर्षों से रुकी हुई है, जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया निधि यानी एनडीआरएफ के तहत वर्ष 2020-21 के लिए आवंटित 121.71 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2021-22 के लिए 133.56 करोड़ रुपये और राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि के तहत वर्ष 2019-20 के लिए 61.07 करोड़ रुपये की राशि शामिल है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से 315.80 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र जारी करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राशि पिछले कुछ वर्षों से रुकी हुई है, जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया निधि यानी एनडीआरएफ के तहत वर्ष 2020-21 के लिए आवंटित 121.71 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2021-22 के लिए 133.56 करोड़ रुपये और राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि के तहत वर्ष 2019-20 के लिए 61.07 करोड़ रुपये की राशि शामिल है। उन्होंने कहा कि महालेखा परीक्षक की ओर से लगाई गई आपत्तियों के कारण इसमें देरी हुई है और प्रदेश सरकार ने अब इन आपत्तियों का समाधान कर दिया है।
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मुख्यमंत्री ने चूंकि अब सभी आपत्तियों का निस्तारण किया जा चुका है, ऐसे में राज्य में हाल ही में भारी बारिश और बाढ़ के कारण हुई क्षति को देखते हुए यह राशि शीघ्र जारी की जानी चाहिए। कहा कि यह राशि अगर शीघ्र जारी होती है तो हाल ही में प्रदेश में आई आपदा से प्रभावितों को राहत पहुंचाने तथा उनके पुनर्वास में इसका सदुपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आशान्वित है कि उसके आग्रह पर केंद्र शीघ्र कार्यवाही करते हुए इस चुनौतीपूर्ण समय में अपना सहयोग एवं समर्थन बनाए रखेगा।
जयराम दिल्ली से राहत दिलाने में मदद करें : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की बातों का वह जवाब नहीं देना चाहते हैं। उनका जयराम से भी अनुरोध है कि जब वे दिल्ली जाएंगे तो ऑल पार्टी के साथ उनके साथ दिल्ली चलें। वहां से राहत दिलाने का प्रयास करें। सीएम सुक्खू ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से प्रदेश सरकार को पांच करोड़़ रुपये की मदद जारी करने पर वहां के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने बड़े भाई का फर्ज अदा किया है ताे वह इसके लिए धन्यवादी हैं। शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए सुक्खू ने कहा कि आढ़ती उन्हें मिले थे। मंडी के भीतर अगर किलो के हिसाब से सेब बेचने के कानून को लागू करना ही होगा। जहां भी सूचना मिलती है, वहां पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई होती है। केंद्र से राहत राशि का इंतजार किया जा रहा है। राहत कार्यों के हिसाब से कहा है कि दो दिन के भीतर राहत देनी होगी। उपायुक्त इसकी बाकायदा रसीद देंगे।