मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू स्पीति घाटी के अपने पहले प्रवास के दौरान घाटी के रंग में रंगे नजर आए। अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने जूले कहकर की, जिसका हिंदी में अर्थ है नमस्ते। जूले कहते ही स्थानीय लोगों ने जोरदार तालियां बजाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद स्थानीय निवासियों ने पारंपरिक परिधान छूबा पहनाकर उनका स्वागत भी किया।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर को भी स्पीतिवासियों ने पारंपरिक परिधान पहनाया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उनकी धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर ने पारंपरिक परिधान में ग्रामीणों के साथ लोकनृत्य भी किया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्थानीय संस्कृति पर आधारित कार्यक्रमों में गहरी रुचि दिखाई और कलाकारों की खुले मन से प्रशंसा की। उन्होंने कलाकारों को सम्मानित किया और सभी स्पीतिवासियों को अपनी प्राचीन एवं अनूठी संस्कृति के संरक्षण के लिए बधाई भी दी।