कम दूरी पर खुले स्कूलों और शिक्षकों के रिक्त पदों को भी शिक्षा का स्तर गिरने के लिए जिम्मेवार ठहराया गया। फैसला लिया कि 10 से 15 किलोमीटर की दूरी पर प्री प्राइमरी से 12वीं कक्षा तक एक स्कूल खोला जाना चाहिए। इन स्कूलों में सभी विषयों के शिक्षक नियुक्त होंगे। जिला उपनिदेशकों से ऐसे स्कूलों को एक माह के भीतर चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां स्कूल भवनों की स्थिति अच्छी हो, सड़क से स्कूल नजदीक हों और आसपास के स्कूलों के अधिक बच्चे पहुंच सकें। बैठक में समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशक राजेश शर्मा सहित शिक्षा निदेशक और उपनिदेक मौजूद रहे।
यू डाइस रिपोर्ट बनाने का देंगे प्रशिक्षण बैठक में बताया गया कि यू डाइस (शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली) की रिपोर्ट को कई शिक्षक सही तरीके से नहीं भर रहे हैं। इस रिपोर्ट को भरने के लिए अब जिलों में जाकर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर ही केंद्र सरकार प्रदेशों की रैकिंग तय करती है। स्कूलों में कम बच्चे होने से बढ़ रहा खर्चस्कूलों में कम बच्चे होने से सरकार पर बढ़ रहे खर्च को लेकर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार का भी मत है कि कुछ बच्चों के लिए स्कूल खोलने से हो रहे खर्च को कम करने के लिए स्कूल मर्ज किए जाएं।