मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को बताया है कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को राज्य में 10 अगस्त तक हुए नुकसान की रिपोर्ट भेजकर 6700 करोड़ रुपये मांगे गए हैं। राज्य में प्राकृतिक आपदा से 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि केंद्र ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि (एसडीआरएफ) के तहत दो वार्षिक किस्तों में दिए जाने वाले 360 करोड़ ही जारी किए हैं।
ऑडिट आपत्तियों को दूर करने के राज्य सरकार के प्रयासों के बाद केंद्र ने लंबित 315 करोड़ में से 189 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने शेष 126 करोड़ रुपये शीघ्र देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने रविवार को पीटरहॉफ में नुकसान के संबंध में नड्डा और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के साथ विस्तृत चर्चा की।
इस दौरान उन्होंने राज्य में स्थितियां सामान्य करने के राज्य सरकार के प्रयासों को बल देने के लिए केदारनाथ और भुज त्रासदियों की तर्ज पर वित्तीय सहायता मांगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की वर्तमान राहत नियमावली के अनुरूप वित्तीय प्रावधान हिमाचल प्रदेश में हुए नुकसान की पूर्ति के लिए अपर्याप्त है।
उन्होंने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और आपदा की गंभीरता को देखते हुए विशेष राहत पैकेज का आग्रह किया। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से अंतरिम राहत की पहली किस्त देरी से जारी करने का मामला भी उठाया। उन्होंने नड्डा और अनुराग से वित्तीय सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का भी आग्रह किया। कहा कि केंद्र की ओर से आकलन टीमें भेजे जाने के बावजूद अंतरिम राहत अभी भी लंबित है।
मुख्यमंत्री ने संरचनात्मक इंजीनियरिंग और जल निकासी प्रणालियों के सुधार और सुदृढ़ीकरण के राज्य सरकार के प्रयासों की भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने शिमला के पास जाठिया देवी में एक नए शहर को स्थापित करने की योजना के बारे में भी बताया।