मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अनाथ आश्रम में रहने की आयु 26 वर्ष से बढ़ाकर 27 वर्ष करने का निर्णय लिया है। शिमला स्थित प्रदेश सचिवालय में 27 वर्षीय निराश्रित बालिका ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें अवगत करवाया कि उसके पास रहने के लिए कोई आवास नहीं है, न ही वह अनाथ आश्रम में रह सकती हैं, क्योंकि अनाथ-आश्रम में रहने के लिए आयु 26 वर्ष निर्धारित की गई है।
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इस पर मुख्यमंत्री ने अनाथ आश्रम में रहने की आयु 26 वर्ष से बढ़ाकर 27 वर्ष करने का निर्णय लिया। अब यह बालिका एक वर्ष तक अनाथालय में रह सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बालिका को घर बनाने के लिए भूमि और पर्याप्त धनराशि भी प्रदान की जाएगी।
एक वर्ष के भीतर उसका अपना आशियाना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक निराश्रित बालिका को घर बनाने के लिए 4 बिस्वा भूमि और पर्याप्त धनराशि भी प्रदान करेगी।