फिर प्राइमरी के एक बच्चे को पूछा तो उसने फटाक से जवाब दिया। इसी तरह मुख्यमंत्री ने जब देश की राजधानी का नाम भी पूछा तो भी कई छात्र खामोश रहे। प्राइमरी के छात्र-छात्राएं इसका जवाब ठीक से देते रहे। इस पर सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्राइमरी के शिक्षक की पीठ थपथपाई। मुख्यमंत्री में हंसी-ठिठोली करते हुए यह भी पूछा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री कौन हैं तो छोटे बच्चों ने मुस्कराते हुए जवाब दिया... सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
इस पर प्रधानाचार्य से बात करते हुए सीएम ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि छोटी कक्षाओं के बच्चों का सामान्य ज्ञान अच्छा है, जबकि बड़े बच्चों को यह मालूम ही नहीं है। ऐसे में ये बच्चे कैसे लक्ष्य प्राप्ति कर पाएंगे। उन्होंने प्रधानाचार्य को यह भी पूछा कि प्रिंसिपल का काम क्या होता है। इस पर प्रिंसिपल ने कहा कि यहां पर एक ही लेक्चरर है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानाचार्य तय करें कि रोज इन बच्चों का आधे घंटे का जीके का टेस्ट हो। सीएम सुक्खू ने बच्चों का भी प्रोत्साहित किया कि कोई बात नहीं। सबको पहले पता नहीं होता है। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ किताबों तक सीमित ज्ञान नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दे रही है। इस दौरान मौजूद शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील पहल की सराहना की और कहा कि इससे शिक्षा के प्रति बच्चों का उत्साह और आत्मविश्वास और भी बढ़ेगा।
सीएम ने जब पूछा कि कौन क्या बनेगा तो फौजी बनने को ज्यादा बच्चों ने हाथ खड़े किए
सीएम ने जब बच्चों से यह पूछा कि कौन क्या बनेगा तो फौजी बनने के लिए सबसे अधिक बच्चों ने हाथ खड़े किए। शिक्षक और डॉक्टर बनने के लिए बहुत कम बच्चे रुचि ले रहे थे। मुख्यमंत्री या मंत्री कौन बनेगा, सीएम ने यह पूछा तो बच्चों ने हाथ खड़े नहीं किए। इस पर खूब ठहाके लगे।
सीएम ने छोटे बच्चों के लिए भवन बनाने के आदेश दिए
सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस अवसर पर छोटे बच्चों के लिए भवन बनाने के आदेश दिए। उन्होंने जब स्कूल भवन के बारे में पूछा तो लोगों ने बताया कि छत से पानी टपक रहा है।