मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को धर्मपुर की लौंगणी पंचायत के आपदा प्रभावित स्याठी गांव का दौरा किया। उन्होंने बादल फटने से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका दुख साझा किया। प्रभावित परिवारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण के लिए विशेष राहत पैकेज दिया जाएगा। साथ ही गाय, बकरी, भेड़ सहित पशुधन के नुकसान के साथ नष्ट गोशालाओं के लिए भी बढ़ा हुआ मुआवजा प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मंडी-कोटली सड़क को हुए नुकसान का भी निरीक्षण किया।
पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी जिले में मूसलाधार बारिश के कारण भारी तबाही हुई है। स्याठी गांव में भूस्खलन से 20 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। 61 लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में आश्रय दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चट्टानी सतह के खिसकने के कारणों का पता लगाने के लिए अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बादल फटने की घटनाओं के पीछे जलवायु परिवर्तन भी एक कारण हो सकता है। केंद्र और राज्य सरकारों को सामूहिक रूप से ऐसी घटनाओं के कारणों का अध्ययन करना चाहिए।
प्रभावित बोले- तंबू लगाने को भी जमीन नहीं बची
स्याठी गांव के प्रभावित परिवारों ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि आपदा में पूरा गांव बह गया। अब उनके पास तंबू लगाने के लिए भी जमीन नहीं बची है। लोगों ने मुश्किल से अपनी जान बचाई है। जमीन उपलब्ध करवाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि यदि क्षेत्र में सरकारी भूमि उपलब्ध होगी तो उन्हें आवंटित की जाएगी। वन भूमि क्षेत्र में यदि जमीन है तो यह मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।