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Shimla News: शिमला में मुख्यमंत्री शगुन योजना का इस वर्ष किसी को भी नहीं मिला फायदा

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( खास खबर)
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35 हजार वार्षिक आय की शर्त गरीब परिवारों के लिए साबित हो रही सफेद हाथी
शहर में एक हजार बीपीएल परिवार, शादी होने सरकार देती है 31 हजार रुपये का शगुन
रीतिका शर्मा



शिमला। मुख्यमंत्री शगुन योजना में शिमला शहर में शादी के बाद एक भी नवविवाहिता को लाभ नहीं मिला है। इस योजना के तहत राज्य सरकार की ओर से 31 हजार रुपये का शगुन दिया जाता है। इसमें केवल वही नवविवाहिता पात्र होती है जो बीपीएल परिवार से हैं या फिर जिनके माता-पिता जीवित नहीं हैं या लापता हैं। शिमला शहर में मौजूदा समय में केवल एक हजार के करीब बीपीएल परिवार हैं। यहां बीपीएल श्रेणी में आने के लिए वार्षिक आय 35 हजार से अधिक नहीं होनी चाहिए। उस परिवार को ही इस श्रेणी में रखा जाता है। इसका रिकाॅर्ड नगर निगम रखता है। सूत्रों का कहना है कि मौजूदा समय में ऐसा कोई ही परिवार होगा जिसकी वार्षिक आय 35 हजार रुपये से कम हो। अगर वह अपने परिवार के साथ एक कमरे के किराये में रहता है तो उसे मासिक किराया 1500 से 2000 चुकाना पड़ता है। इसके अलावा खाने-पीने व दूसरे खर्च भी हैं। हालांकि नगर निगम के रिकाॅर्ड में दो हजार परिवार हैं और कई आवेदन लंबित भी हैं लेकिन उन्हें सत्यापित करने के बाद ही बीपीएल परिवार में लिया जाएगा। लिहाजा मुख्यमंत्री शगुन योजना शिमला शहर में कारगर होती नजर नहीं आ रही है। लोगों का कहना है कि बीपीएल के लिए राज्य सरकार को वार्षिक आय 35 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख कर देनी चाहिए तभी इसका लाभ गरीब परिवार उठा पाएंगे। नियम और शर्तें कड़ी होने से यह योजना गरीबों के लिए सफेद हाथी साबित हो रही है।
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इनसेट



2023-24 में केवल छह नवविवाहिता को इस योजना का लाभ मिला था। 2022-23 में केवल दो को इसका लाभ मिला। 2021-22 में छह नवविवाहिता को मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत 31-31 हजार रुपये मिले। इस चालू वर्ष में महकमे को एक भी पात्र नहीं मिला।
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क्या कहते हैं अधिकारी



बाल विकास परियोजना अधिकारी स्नेह लता ने कहा कि इस वर्ष अब तक इस योजना के तहत एक भी आवेदन नहीं मिला है।
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