उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा प्रणाली में सुधार लाने और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सामुदायिक भागीदारी, अध्यापकों, राजनीतिक नेतृत्व, अधिकारियों, सफल व्यक्तियों और गैर सरकारी संगठनों की मदद से अखंड ज्योति योजना को चलाया जाएगा।
मल्टी नेशनल कंपनियों में कार्यरत हिमाचल के सीईओ भी शिक्षा सचिव से इस योजना के बाबत संपर्क कर रहे हैं। बड़े-बड़े औद्योगिक घरानों में कार्यरत यह अधिकारी भी हिमाचल आकर अपने स्कूलों को बढ़ावा देना चाहते हैं।