मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 40 कोविड-19 केस हैं। इनमें से 25 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। चार लोग उपचार के लिए राज्य से बाहर गए हैं और एक व्यक्ति की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि दस मरीज उपचाराधीन हैं। पिछले पांच दिनों में राज्य के किसी हिस्से में कोरोना वायरस का कोई भी नया केस सामने नहीं आया है।
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस का पहला केस 19 मार्च को सामने आया था और इसके बाद कांगड़ा जिला में कर्फ्यू लगाया गया। 23 मार्च को पूरे राज्य को कर्फ्यू में रखा गया जिससे कि कोरोना चेन को तोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन राज्य में सुनिश्चित की गई है जिससे कि लोगों को कर्फ्यू के दौरान किसी तरह की दिक्कत ना हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के छह जिले ग्रीन जोन में है, यहां पर कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए लॉकडाउन को बढ़ाए जाने की जरूरत है लेकिन इसी बीच राज्यों को उनकी आर्थिक गतिविधियों को ग्रीन जोन में शुरू करने के लिए भी मंजूरी दी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पीएम से वीडियो कांफ्रेंस पर मुख्यमंत्रियों की बैठक में कहा कि राज्य में जांच अनुपात 700 प्रति 10 लाख व्यक्ति है, जो देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान एक विशेष अभियान है, जिसमें 70 लाख लोगों की इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी जांचने को 16 हजार कर्मचारियों के दल की ओर से जांच की जा चुकी है। इस काम में आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पैरा मेडिकल स्टाफ और पुलिस कर्मचारी शामिल हैं।