मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि एक कांग्रेस नेता ने सरकार पर अवैध खनन को रोकने के लिए कुछ नहीं करने का आरोप लगाया, लेकिन तथ्य यह है कि पिछली सरकार ने 57 खनन परमिट दिए थे। कांग्रेस नेता को यह समझना चाहिए कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में क्षेत्र में अवैध खनन फल-फूल रहा था। कांग्रेस नेता बेवजह शोर मचा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को शिमला से वर्चुअल माध्यम से ऊना जिले के बाथड़ी, पोलियां, पंडोगा, मैहतपुर और गगरेट में खनन पड़ताल चौकियों का उद्घाटन किया। कहा कि सरकार राज्य में अवैध खनन रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।
खनन पड़ताल चौकियों और अन्य आवश्यक उपकरणों के लिए 1.01 करोड़ खर्च किए गए हैं। खनन के प्रति सरकार जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही है। कहा कि अवैध खनन, यातायात तथा भंडारण करने वाले व्यक्तियों के लिए दो साल की कैद तथा पांच लाख रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान किया गया है। पट्टे पर खनन के लिए प्रार्थना पत्रों की प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया है।
इस दौरान छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सत्ती, विधायक राकेश जम्वाल, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल, निदेशक उद्योग विभाग हंसराज शिमला से वर्चुअली कार्यक्रम में शामिल हुए। विधायक गगरेट राजेश ठाकुर, एचपीआईडीसी के उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष नीलम कुमार, उपायुक्त ऊना राघव शर्मा, एडीसी डॉ. अमित कुमार मौजूद रहे।