मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में बल्क ड्रग पार्क के स्थापित होने से भारत की कच्चे माल के लिए चीन पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। फार्मा कंपनियों को हजारों-करोड़ रुपये की बचत होगी। हिमाचल में कच्चा माल मिलने से निर्माण सस्ता हो जाएगा, जिससे दवाओं की कीमतें भी कम हो जाएंगी। राज्य की अर्थव्यवस्था सुधरेगी। युवाओं को रोजगार मिलेगा।
विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर रविवार को कसौली विधानसभा क्षेत्र से राज्य फार्मेसी परिषद के सदस्यों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बद्दी क्षेत्र एशिया का सबसे बड़ा फार्मा हब बनकर उभरा है। कोरोना महामारी के दौरान बद्दी क्षेत्र में निर्मित दवाओं की आपूर्ति विश्व भर में की गई। कोरोना के दौरान फार्मासिस्टों ने बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। डॉक्टरों के बाद मरीज फार्मासिस्टों पर ही सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं।
फार्मासिस्टों को पूरी सावधानी के साथ मरीजों की सेवा करनी चाहिए, ताकि किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर किसी भी दवा का गलत प्रभाव न पड़ सके। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट का काम केवल मरीजों को दवा देना ही नहीं है, बल्कि जल्द स्वास्थ्य लाभ के लिए मरीजों को सही सलाह देना तथा उन्हें जागरूक करना भी फार्मासिस्ट का कर्तव्य है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य फार्मेसी परिषद के पोर्टल का शुभारंभ भी किया।
349 करोड़ रुपये से स्थापित होगा मेडिकल डिवाइस पार्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि नालागढ़ में 349 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल डिवाइस पार्क स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए करोड़ों रुपये के एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे करीब 10,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।