हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की। सामाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्री सरवीण चौधरी विशेष रूप से मौजूद रहीं। बैठक के दौरान 31 मदें मुख्यमंत्री के गृह जिला मंडी से ही संबंधित थीं। इनमें सड़क, सोलर लाइट लगाने, खुरली के साथ गो शेड बनाने, श्मशानघाट में कमरे का निर्माण करने के अलावा ओबीसी वर्ग को 18 से 27 फीसदी तक आरक्षण देना शामिल रहीं।
छोटी-छोटी मदें हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण बोर्ड की 12वीं बैठक में उठाने पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि पंचायत स्तर पर सुलझाई जाने वाली समस्याओं को बैठक में उठाना सही नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि आगे होने वाली समुदायों की बैठकों में उन्हीं मदों को शामिल किया जाए, जोकि समुदाय विशेष से संबंधित हैं।
घरेलू और निजी मदों को अधिकारी अपने स्तर पर ही सुलझाएं, ताकि समुदाय विशेष से संबंधित समस्याओं और मांगों पर विचार-विमर्श करने को समय मिल सके। इसके अलावा बैठक में जिला कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और जिला चंबा से आए सदस्यों ने भी अपनी-अपनी मदें हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण बोर्ड की 12वीं बैठक में रखीं।
ओबीसी प्रमाणपत्र को मिल सकती है 3 वर्ष की मान्यता
अन्य पिछड़ा वर्ग को एक वर्ष के लिए जारी किए जाने वाले सर्टिफिकेट को तीन साल की मान्यता मिल सकती है। इसके संकेत मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कल्याण बोर्ड की 12वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। सीएम ने कहा कि ओबीसी प्रमाण पत्र को तीन साल करने की मांग विचार योग्य है। राजस्व विभाग से मामले को गंभीरता से लेने की बात कही।
कहा कि सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को लाभान्वित करने के लिए 2018 में आय सीमा छह लाख प्रतिवर्ष से बढ़ाकर आठ लाख की है। सरकारी नौकरियों में युवाओं को पर्याप्त अवसर देने के लिए सरकार सीधी भर्ती से प्रथम और द्वितीय श्रेणी के पदों के लिए 12 प्रतिशत और तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए 18 प्रतिशत आरक्षण दे रही है। प्रदेश में अन्य पिछड़े वर्गों की पहचान के लिए ओबीसी आयोग की स्थापना की गई है।
आयोग की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने 52 जातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल किया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी ने पिछड़ा वर्ग समुदाय के लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। बैठक की कार्रवाई का संचालन निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विवेक भाटिया ने किया। अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम के उपाध्यक्ष ओपी चौधरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष, उपायुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
केंद्र के हाथ में एसटी वर्ग को 7.5 प्रतिशत आरक्षण
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रविवार को धर्मशाला कॉलेज के सभागार में गुज्जर कल्याण बोर्ड की 21वीं बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि सरकार गुज्जर समुदाय के कल्याण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। बैठक में जनजातीय विकास मंत्री रामलाल मारकंडा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद ही जनजातीय आरक्षण को बढ़ाया जा सकता है।
इसके लिए केंद्र सरकार ही कोई निर्णय ले सकती है। बैठक में घुमारवीं के विशन दास ने मुख्यमंत्री से जनजातीय लोगों को तीसरी और चतुर्थ श्रेणी के लिए भी पांच के बजाय 7.5 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की। सीएम जयराम ने कहा कि पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से जुड़े होने के कारण गुज्जर समुदाय को नवीनतम वैज्ञानिक तकनीक उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने पशुपालन विभाग को गुज्जर समुदाय को बेहतर नस्ल के मवेशी उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए।
गुज्जर कल्याण बोर्ड की 21वीं बैठक में 39 एजेंडों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों ने लोगों की अधिकतर समस्याएं हल कीं। कुछ समस्याएं विभागीय अधिकारियों को हल करने के निर्देश दिए। ज्यादातर मुद्दे विकास कार्यों और रास्तों के निर्माण कार्य पर उठाए गए। कई लोगों ने शिक्षा को लेकर आ रही समस्या पर अवगत करवाया। सीएम न गुज्जर समुदाय के सदस्यों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस समुदाय के बच्चे आधुनिक शिक्षा से वंचित न रहें।
चंबा के कई स्कूलों में शिक्षक नियुक्त करने की मांग
बैठक में जिला चंबा से आए कई प्रतिनिधियों में मुख्यमंत्री से विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों के पद भरने की मांग की। कहा कि एक दिन स्कूल में शिक्षक आते हैं और अगले ही दिन ही अपनी ट्रांसफर करवा लेते हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि जल्द इस समस्या की समाधान किया जाएगा।
गद्दी कल्याण बोर्ड की बैठक में उठा भेड़-बकरियों की चोरी का मुद्दा
हिमाचल प्रदेश गद्दी कल्याण बोर्ड की धर्मशाला में आयोजित बैठक में भेड़-बकरियों की बढ़ती चोरी की घटनाओं का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। बोर्ड की बैठक में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उपस्थिति अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब गद्दी अपने धन के साथ सर्दियों के दिनों में पहाड़ी क्षेत्रों से मैदानों की ओर आते हैं तो पारंपरिक रूटों पर पुलिस विभाग सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करे। बैठक के दौरान सदस्यों ने एक विशेष हेल्पलाइन नंबर शुरू करने का सुझाव दिया।
यह भी सुझाव दिया कि इस सीजन में चोरी की घटनाएं रोकने के लिए पुलिस थानों में होम गार्ड के जवानों की नफरी बढ़ाई जाए। बैठक में जनजातीय आबादी बहुल क्षेत्रों में बहुत ज्यादा समस्याएं आने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों से अलग से रिपोर्ट तलब की है। बैठक में त्रिलोक कपूर ने कहा कि नूरपुर, शाहपुर, नगरोटा, जवाली, धर्मशाला, पालमपुर आदि गैर जनजातीय क्षेत्रों में गद्दी समुदाय की बड़ी आबादी रहती है।
इनके लिए अलग से बजट में तीन प्रतिशत का अलग से प्रावधान किया जाए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने निर्देश दिए कि उनके वन विभाग की ओर से जारी किए गए चराई परमिट किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित न किए जाएं। इससे मुआवजे से लेकर अन्य कई स्तरों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन को सुदृढ़ करने के लिए तीन वर्षों के दौरान 136.94 लाख की राशि दी गई है।