प्रदेश पुलिस ने तकनीकी सहायता के लिए आईआईटी मंडी के साथ एमओयू किया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अध्यक्षता में आईआईटी और पीएचक्यू के अधिकारियों ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किया। डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि एमओयू परस्पर संपर्क के लिए एक संस्थागत प्रक्रिया बनाने को किया गया है। प्रदेश पुलिस और आईआईटी मंडी के मध्य यह सहयोग अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों, क्षमता वृद्धि पर आधारित होगा, जिसमें पुलिस अधिकारी, आईआईटी संकाय, शोधकर्ता और विद्यार्थी शामिल होंगे।
पुलिस कर्मियों को नई तकनीक, अपराध व पब्लिक ऑर्डर के क्षेत्रीय व अन्य अध्ययन, अपराध के ट्रेंड, साइबर फोरेंसिक, साइबर सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट, ई-चालानिंग, बीट पेट्रोलिंग, खतरा व सुरक्षा अध्ययन की जानकारी दी जाएगी। क्षमता बढ़ाने, रिसर्च व विकास गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी पुलिस अधिकारियों व आईटी के रिसर्च सहयोगियों, फैकल्टी और अध्ययनरत विद्यार्थियों को लाभ होगा। समय-समय पर पुलिस कर्मियों और विद्यार्थियों के बीच संवाद भी कराया जाएगा। इससे पुलिस कर्मियों की जांच में तकनीक का प्रैक्टिकल प्रयोग कर जांच को और बेहतर करने में मदद मिलेगी।
पीटीसी डरोह व अन्य यूनिटों में दिए जाने वाले प्रशिक्षण में भी तकनीकी सहयोग का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से आईआईटी विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली जानने और समझने का मौका मिलेगा। प्रदेश पुलिस की विभिन्न इकाइयों में उनको प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। विद्यार्थी पुलिस अधिकारियों के साथ पारस्परिक चर्चा कर सकेंगे।
इस आपसी सहयोग से पुलिस कार्यप्रणाली में सुधार होगा। विशेषकर पीटीसी डरोह और राज्य पुलिस की अन्य इकाइयों में दिए जाने वाले प्रशिक्षण में सुधार आएगा। एडीजी सीआईडी एन वेणुगोपाल को आईआईटी मंडी की फैकल्टी के साथ पुलिस के नियमित संवाद, कार्यशाला व कॉन्फ्रेंस के लिए सामान्य बैठाने के उद्देश्य से नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।