पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद भारतीय वायु सेना को साथ लगते क्षेत्रों में एक सुरक्षित हवाई पट्टी की भी तलाश है। शिमला, कांगड़ा और कुल्लू में बड़े हवाई जहाज नहीं उतारे जा सकते, ऐसे में मंडी एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
मंडी पूरे हिमाचल से जुड़ा हुआ है, इसलिए किसी भी खतरे से निपटने में कारगर साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि मंडी हवाई अड्डा रक्षा एवं नागरिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा और इससे हिमाचल में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को हिमाचल प्रदेश आने का न्योता भी दिया। प्रधानमंत्री ने जयराम ठाकुर की मांगों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी भी मौजूद थे।