हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुझाव दिया कि नशा तस्करों के खिलाफ समाज विरोधी गतिविधियों की रोकथाम के अंतर्गत कार्रवाई होनी चाहिए। तीन महीनों से अधिक समय के लिए गिरफ्तारी होने के मामलों में विशेष बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके राज्य की पुलिस द्वारा पंजाब पुलिस के साथ सांझी कार्रवाई के द्वारा नशों की तस्करी के विरुद्ध काम किया जा रहा है। हिमाचल के मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने कहा कि इस मुद्दे पर न्याय प्रणाली को भी और संवेदनशील होने की जरूरत है, जिससे नशा तस्करों के मामलों में अदालतों द्वारा नरमी न बरतने को यकीनी बनाया जा सके।
छात्रों को नशे की मुहिम से जोड़ने का प्रस्ताव पारित
बैठक में स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ मुहिम से जोड़ने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसमें यह भी कहा गया कि जो नई तकनीक चलन में लाई जाए, उसे नशे के खिलाफ भी इस्तेमाल करने के उपाय किए जाएं।
बैठक में राज्यों ने अपने-अपने स्कूलों में बड़े स्तर पर जागरूकता मुहिम चलाने का भी फैसला किया गया। नौजवानों को गांव स्तर पर खेल और अन्य सरगर्मियों में सक्रिय करने और नशों के प्रसार पर रोक लगाने के लिए बड़े स्तर पर नौजवानों के लिए कौशल विकास प्रोग्राम चलाने का भी फैसला किया गया।
राज्यों में नशों की रोकथाम को केंद्र करे वित्तीय मदद
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सभी प्रभावित राज्यों को नशों की रोकथाम के लिए फंडों की प्राप्ति के लिए केंद्र के पास पहुंच करने का भी सुझाव दिया जो केंद्र सरकार के 21 विभागों के द्वारा प्राप्त किए जा सकते हैं।
कैप्टन ने बीएसएफ, डीआरआई, एनसीबी, आरपीएफ, सीआईएसएफ और कस्टम जैसी केंद्रीय एजेंसियों की नुमायंदगी का भी प्रस्ताव दिया। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने नशों के साथ संबंधित मामलों के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन की बात कही।