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नशे के खिलाफ हिमाचल समेत सात राज्यों का एलान-ए-जंग

Tue, 21 Aug 2018 12:21 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/शिमला
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हिमाचल समेत सात उत्तरी राज्यों ने सोमवार को नशे के खिलाफ जंग का एलान किया। उन्होंने डाटा और सूचनाओं के आदान-प्रदान को पंचकूला में साझा/केंद्रीय सचिवालय स्थापित करने पर सर्वसम्मति से फैसला लिया। ‘नशा- चुनौतियां और रणनीति’ विषय पर हरियाणा भवन में आयोजित क्षेत्रीय कांफ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्रियों ने यह भी फैसला लिया कि परस्पर आंकड़े और सूचनाएं साझा करने के लिए प्रत्येक राज्य द्वारा एक-एक नोडल अफसर तैनात किया जाएगा।

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इस कांफ्रेंस में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री टीएस रावत ने हिस्सा लिया। हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इस कांफ्रेंस में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए क्योंकि वह मौसम खराब होने के कारण चंडीगढ़ नहीं पहुंच सके।

इन राज्यों के सीनियर सिविल और पुलिस अधिकारियों ने भी कांफ्रेंस में हिस्सा लिया। इसके अलावा  राजस्थान, दिल्ली और चंडीगढ़ के सीनियर सिविल व पुलिस अधिकारी भी कांफ्रेंस शामिल हुए। सात राज्यों की इस कांफ्रेंस का उद्देश्य सभी तरह के सियासी और क्षेत्रीय मुद्दों से ऊपर उठकर नशे के खिलाफ एक साझा रणनीति तैयार करना था।
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नशे के खिलाफ जंग में प्रगति पर निगरानी रखने और इस समस्या से निपटने के लिए विभिन्न स्तरों पर नियमित तौर पर बैठकें करने के बारे में कैप्टन अमरिंदर सिंह के सुझाव को मीटिंग में मंजूर कर लिया गया। यह कांफ्रेंस प्रत्येक छह महीने पर करने का फैसला भी लिया गया।

इसके अलावा उत्तर भारतीय राज्यों के सीमावर्ती जिलों में नशों की आवाजाही पर शिकंजा कसने के लिए हर महीने संबंधित जिलों के डीसी और एसपी की बैठक बुलाने का निर्णय लिया।

इसमें यह अधिकारी साथ लगते जिलों के अधिकारियों के साथ सूचनाएं साझा करेंगे। इस बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्रियों ने बताया कि नशे के विरुद्ध रणनीति को लागू करने के लिए अगली बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों को भी न्योता दिया जाएगा।

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गिरफ्तारी मामलों में विशेष बोर्ड का गठन हो

हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुझाव दिया कि नशा तस्करों के खिलाफ समाज विरोधी गतिविधियों की रोकथाम के अंतर्गत कार्रवाई होनी चाहिए। तीन महीनों से अधिक समय के लिए गिरफ्तारी होने के मामलों में विशेष बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके राज्य की पुलिस द्वारा पंजाब पुलिस के साथ सांझी कार्रवाई के द्वारा नशों की तस्करी के विरुद्ध काम किया जा रहा है। हिमाचल के मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने कहा कि इस मुद्दे पर न्याय प्रणाली को भी और संवेदनशील होने की जरूरत है, जिससे नशा तस्करों के मामलों में अदालतों द्वारा नरमी न बरतने को यकीनी बनाया जा सके। 

छात्रों को नशे की मुहिम से जोड़ने का प्रस्ताव पारित
बैठक में स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ मुहिम से जोड़ने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसमें यह भी कहा गया कि जो नई तकनीक चलन में लाई जाए, उसे नशे के खिलाफ भी इस्तेमाल करने के उपाय किए जाएं।

बैठक में राज्यों ने अपने-अपने स्कूलों में बड़े स्तर पर जागरूकता मुहिम चलाने का भी फैसला किया गया। नौजवानों को गांव स्तर पर खेल और अन्य सरगर्मियों में सक्रिय करने और नशों के प्रसार पर रोक लगाने के लिए बड़े स्तर पर नौजवानों के लिए कौशल विकास प्रोग्राम चलाने का भी फैसला किया गया।

राज्यों में नशों की रोकथाम को केंद्र करे वित्तीय मदद
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सभी प्रभावित राज्यों को नशों की रोकथाम के लिए फंडों की प्राप्ति के लिए केंद्र के पास पहुंच करने का भी सुझाव दिया जो केंद्र सरकार के 21 विभागों के द्वारा प्राप्त किए जा सकते हैं।

कैप्टन ने बीएसएफ, डीआरआई, एनसीबी, आरपीएफ, सीआईएसएफ और कस्टम जैसी केंद्रीय एजेंसियों की नुमायंदगी का भी प्रस्ताव दिया। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने नशों के साथ संबंधित मामलों के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन की बात कही।
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