इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बैंकिंग सुविधा मिलेगी। इससे मनरेगा मजदूरी और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाओं का पात्र लोगों को सीधा भुगतान होगा।
पहले चरण में 12 जिलों में भारत पोस्ट पेमेंट बैंक की 12 शाखाएं खोली जाएंगी। राज्य में सभी नौ डाक खंडों के अंतर्गत 2790 डाकघरों को चरणबद्ध योजना में शामिल किया जाएगा।
इस दौरान राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष खुशीराम बालनाहटा, महानिदेशक डाक सेवाएं दिनेश कुमार मिस्त्री, भारत पोस्ट पेमेंट बैंक के हिमाचल प्रमुख रमिंदर बीर सिंह, प्रवर अधीक्षक डाकघर बलीराम सिस्टा और संजय सूद मौजूद रहे।
महानिदेशक डाक सेवाएं दिनेश कुमार मिस्त्री ने बताया कि भारत पोस्ट पेमेंट बैंक शुरू होने के बाद बैंकिंग सेवाओं का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। बैंक में पैसा जमा करने और निकासी के लिए बैंक या एटीएम नहीं जाना होगा।
बैंक से संबंधित सभी सेवाओं के लिए बैंक आपके घर-द्वार आएगा। ग्रामीण इलाकों में लोग इंडिया पोस्टल पेमेंट बैंक के माध्यम से डाकियों के जरिये बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। ‘आपका बैंक आपके द्वार’ मिशन में इंडिया पोस्टल पेमेंट बैंक देश में घर-घर बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में सक्षम होगा।
आईपीपीबी के तहत लोगों को बचत खाता, चालू खाता, मनी ट्रांसफर और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के अलावा बिल, यूटिलिटी एवं व्यापारिक भुगतान जैसी कई सेवाएं ले सकेेंगे।
अशिक्षित व्यक्ति भी इस प्रणाली का आसानी से उपयोग कर सकेगा। इसमें खाताधारक को अपना खाता अथवा पिन नंबर याद रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सारा लेनदेन केवल क्यूआर कोड को पीओएस मशीन में डालने और अंगुली रखने मात्र से हो जाएगा।
बैंक काउंटर सेवाओं के अलावा माइक्रो एटीएम, मोबाइल बैंकिंग ऐप, मैसेज और इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (आइवीआरएस) जैसे माध्यमों से सेवाएं देगा। आधार कार्ड और पैन नंबर से जीरो बैलेंस खाता खोला जा सकेगा।